PM Modi to communicate with street vendors

नई दिल्ली। भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) के प्रसार के साथ ही पूरे देश की गति थम सी गई थी। अनलॉक-1 (Unlock-1) की शुरुआत के साथ धीरे-धीरे देश में सबी तरह के गतिविधियों को कुछ विशेष दिशा निर्देश के साथ चलाने की अनुमति दी गई थी। धीरे-धीर देश अनलॉक-4 (Unlock 4) के दौर में प्रवेश कर गया है और लगभग सारी आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। लेकिन इस सबके बीच इस कोरोना संकट में जिसका व्यापार सबसे ज्यादा चौपट हुआ वह हैं रेहड़ी-पटरी (street vendor) वाले लोग। ये ऐसे लोग हैं जिनको असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों में गिना जाता है। इन श्रमिकों पर कोरोना संकट की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) बुधवार को रेहड़ी-पटरी वालों से संवाद करने वाले हैं। बता दें कि ये सभी रेहड़ी पटरी वाले प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थी हैं। स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (SVANidhi Yojana) योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों को 10 हजार रुपये तक का कर्ज दिया जाता है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को लॉकडाउन से परेशान छोटे दुकानदारों को राहत देने के लिए जून में लागू किया गया था। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लिए कुल 10 लाख से भी ज्यादा आवेदन मिले हैं जिनमें से 3 लाख से भी ज्यादा आवेदकों के लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी है।

street vendors

बुधवार को पीएम मोदी प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से बात करने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस योजना ने लॉकडाउन के दौरान दिक्कतें झेल रहे रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों को राहत पहुंचाई थी। बता दें कि इस योजना के बारे में बात करते हुए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने कहा था कि इसको लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत फेरीवाले, रेहड़ी-पटरी, खोमचा लगाने वालों को 10,000 रुपये तक का कामकाजी पूंजी ऋण मिल सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस राशि को सालभर में मासिक किस्तों में लौटाना होगा।

PM Narendra Modi

इस योजना के बारे में खोमचे, रेहड़ी लगाने वालों के संगठन का मानना है कि ‘पीएम स्वनिधि’ योजना से उनकी काफी ऊंचा ब्याज वसूलने वाले महाजनों पर निर्भरता कम हो सकेगी। इस योजना का मिशन ऐसे छोटे कारोबारियों को सूदखोरों के चंगुल से निकालने का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूदखोर अक्सर छोटे कारोबारियों से 100 से लेकर 300 प्रतिशत तक ब्याज वसूलते हैं। बता दें कि स्वनिधि योजना के लिए सरकार को अब तक 10,06,228 आवेदन मिले हैं जिनमें से 3,32,983 लोगों के लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इसके अलावा 69,279 से भी ज्यादा आवेदकों को कर्ज का भुगतान भी किया जा चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *