राज्य के क़ानूनी बाज़ार और वकालत के गलियारों से एक बेहद ताज़ा न्यूज़ सामने आई है। ताज़ा Raipur Bar Association Election (रायपुर बार एसोसिएशन चुनाव) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस अहम चुनावी प्रक्रिया पर अचानक रोक लगा दी है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, न्याय व्यवस्था में भेदभाव के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हुए कोर्ट ने यह सख़्त और बड़ा फ़ैसला सुनाया है। रोज़ चुनावी सरगर्मियों में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों की तेज़ रफ़्तार पर फ़िलहाल पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा अधिवक्ता संघ है, इसलिए इस चुनाव पर सभी की ख़ास नज़र टिकी हुई थी। प्रशासन का पूरा ज़ोर अब अदालत के अगले आदेश तक शांति बनाए रखने पर है, जो व्यवस्था के लिए एक ज़रूरी क़दम है।
17 अप्रैल तक लगी चुनाव पर रोक
मुख्य चुनाव अधिकारी रामनारायण व्यास ने जानकारी दी है कि बिलासपुर स्थित हाईकोर्ट ने आगामी चुनाव और मतदान की तारीख़ों को 17 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ़ किया कि न्याय के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान पुरुषों के बिल्कुल बराबर है, ऐसे में पुरुषों के लिए किसी भी तरह के आरक्षण का कोई वैधानिक आधार नहीं बनता है। चुनाव स्थगित होने से उम्मीदवारों की तैयारियों को ज़्यादा बड़ा झटका लगा है।
कोर्ट के विस्तृत आदेश का है इंतज़ार
अब पूरे प्रदेश के वकीलों और चुनाव समिति की नज़रें हाईकोर्ट के विस्तृत और अंतिम आदेश पर टिकी हुई हैं। अदालत के निर्देशानुसार अगली सुनवाई तक चुनावी प्रक्रिया रुकी रहेगी। अधिवक्ता अब सोशल मीडिया और वाई-फ़ाई (Wi-Fi) के ज़रिए आपस में जुड़कर आगे की रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं। इस स्पष्ट रोक के बाद अब 17 अप्रैल के बाद ही यह तय होगा कि चुनाव किस नए नियम और प्रारूप के तहत संपन्न कराए जाएंगे।
