Raipur Census 2026: रायपुर में शुरू हुआ जनगणना का महाभियान, घर के बाहर लिखे जा रहे नंबर और पूछे जाएंगे 33 सवाल

A conceptual image showing a census worker noting details digitally on a tablet outside a house with a fresh census number painted on the wall, highlighting the Raipur Census 2026.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में जनगणना का महाभियान आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। ताज़ा Raipur Census 2026 (रायपुर सेंसस 2026) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, शहर के वार्डों में कर्मचारियों ने मकानों के बाहर लाल या काले रंग से नंबर लिखने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस बार की जनगणना पहली बार पूरी तरह से डिजिटल होगी और ज़िला प्रशासन ने इस बड़े और अहम् काम के लिए अपनी सख़्त तैयारी पूरी कर ली है।

Raipur Census 2026: हर घर से पूछे जाएंगे 33 ख़ास सवाल

मकानों की नंबरिंग पूरी होने के बाद अधिकृत कर्मचारी लोगों के घर पहुंचेंगे और उनसे कुल 33 सवालों की लिस्ट के आधार पर सख़्त जानकारी मांगेंगे। इन सवालों में घर की दीवार और फ़र्श किस सामग्री से बना है, बिजली-पानी और शौचालय की सुविधा है या नहीं, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफ़ोन या रेडियो की मौजूदगी, और खाना पकाने के लिए किस ईंधन का इस्तेमाल होता है, जैसी अहम् बातें शामिल होंगी। यह सटीक डेटा भविष्य की सरकारी योजनाओं का साफ़ ख़ाका तैयार करने में मदद करेगा।

रायपुर (Raipur) में 5700 कर्मचारियों की सख़्त तैनाती

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सिर्फ़ रायपुर ज़िले में इस बड़े काम के लिए 5700 कर्मचारियों को मैदान में उतारा गया है, जिनमें सरकारी स्कूलों के शिक्षक और राजस्व विभाग का स्टाफ़ शामिल है। पूरे प्रदेश में क़रीब 65 हज़ार प्रगणक (Enumerators) इस ड्यूटी में सख़्ती से जुटे हैं। हर एक कर्मचारी को औसतन 150 से 200 घरों का सटीक डेटा मोबाइल ऐप पर रियल-टाइम अपलोड करना होगा।

ड्यूटी से बचने वालों पर प्रशासन बेहद सख़्त (Strict)

जनगणना का काम ज़ोरों पर है, लेकिन ड्यूटी से बचने के लिए कई कर्मचारी निगम दफ़्तरों में बीमारी या अन्य कारणों का बहाना बनाकर आवेदन दे रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने इस पर बेहद सख़्त रुख़ अपनाया है और बिल्कुल साफ़ कर दिया है कि बिना भौतिक सत्यापन के किसी की भी ड्यूटी रद्द नहीं की जाएगी। इस राष्ट्रीय काम में लापरवाही बरतने वालों पर सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।