राजधानी रायपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। शुक्रवार, 10 अप्रैल को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रायपुर आरटीओ (RTO) कार्यालय में अचानक छापा मारा। इस दौरान एसीबी ने एक बाबू को 14,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस अचानक हुई छापामार कार्रवाई से पूरे आरटीओ दफ्तर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नाम ट्रांसफर के बदले मांगी थी 15,000 की रिश्वत
विभागीय जानकारी और शिकायत के अनुसार, पकड़े गए आरोपी का नाम शोभा राम देवांगन है, जो कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर पदस्थ है। आरोपी शोभा राम ने एक फाइनेंस वाहन का नाम ट्रांसफर कराने के एवज में शिकायतकर्ता से कुल 15,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
बताया जा रहा है कि यह पूरा सौदा ‘चोला मंडलम फाइनेंस’ की एक गाड़ी के दस्तावेज तैयार करने और उसका नाम ट्रांसफर करने के नाम पर किया जा रहा था। जब शिकायतकर्ता यह रकम नहीं देना चाहता था, तो उसने सीधे एसीबी (ACB) से मामले की शिकायत कर दी।
Raipur RTO ACB Trap: जाल बिछाकर रंगे हाथों दबोचा
शिकायत मिलने के तुरंत बाद, एसीबी की टीम ने रिश्वतखोर ऑपरेटर को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक, जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरटीओ दफ्तर पहुंचकर आरोपी शोभा राम देवांगन को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 14,000 रुपये थमाए, आसपास सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम (14,000 रुपये) बरामद कर ली है। इसके साथ ही आरोपी के हाथ भी रंगवाए गए, जिससे रिश्वत लेने की वैज्ञानिक तौर पर भी पुष्टि हो गई।
फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी बाबू से कड़ी पूछताछ कर रही है। विभाग इस बात की भी गहराई से जांच कर रहा है कि इस रिश्वतखोरी के सिंडिकेट में आरटीओ विभाग के अन्य कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। आरोपी ऑपरेटर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।
