कहा- सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाना ज़रूरी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने बदलते वक़्त और तकनीक के साथ संगठन के विस्तार को लेकर एक बेहद अहम् बयान दिया है। ताज़ा RSS Social Media Activism (आरएसएस सोशल मीडिया एक्टिविज़्म) अपडेट के अनुसार, उन्होंने संघ के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी उपस्थिति और सक्रियता बढ़ाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। यह बयान इस बात का पुख़्ता संकेत है कि ज़मीनी स्तर पर अपनी मज़बूत पकड़ रखने वाला यह संगठन अब वैचारिक लड़ाई के लिए वर्चुअल दुनिया को भी पूरी गंभीरता से ले रहा है।
RSS Social Media Activism: समय की सबसे बड़ी ज़रूरत
अपने ताज़ा संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि जैसे-जैसे संघ का वैचारिक और सामाजिक कार्य ज़मीनी स्तर पर तेज़ी से फैल रहा है, वैसे ही समाज के हर वर्ग तक अपनी बात सही तरीक़े से पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय होना वक़्त की अहम ज़रूरत बन गया है। RSS Social Media Activism को बढ़ावा देने के पीछे मुख्य मक़सद भ्रामक सूचनाओं (Fake News) का प्रभावी ढंग से मुक़ाबला करना और युवाओं (Youth) को राष्ट्र निर्माण के विचारों से सीधे तौर पर जोड़ना है।
डिजिटल दुनिया (Digital World) में वैचारिक पकड़
संघ प्रमुख का साफ़ मानना है कि आज का युवा अपना ज़्यादातर वक़्त डिजिटल माध्यमों पर गुज़ारता है। ऐसे में संघ के विचारों, सेवा कार्यों और राष्ट्रवाद (Nationalism) की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया टूल्स का भरपूर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यह प्रयास समाज में सकारात्मक और रचनात्मक संवाद स्थापित करने में मददगार साबित होगा।
भविष्य (Future) की नई रूपरेखा
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के काम करने के तरीक़े में यह बदलाव एक बड़े रणनीतिक नज़रिए को दर्शाता है। यह क़दम आगामी चुनौतियों से निपटने और वैचारिक विमर्श (Ideological Narrative) को एक नई और मज़बूत दिशा देने में बेहद कारगर साबित होगा।
