घरेलू शेयर बाज़ार (Share Market) में इन दिनों लगातार भारी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ताज़ा Share Market Prediction (शेयर मार्केट प्रेडिक्शन) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, आने वाले हफ़्ते में निवेशकों को बेहद सतर्क और सख़्त रहने की ज़रूरत है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक संकेतों के कारण शेयर बाज़ार की चाल किसी भी वक़्त बदल सकती है। रोज़ के इस भारी उतार-चढ़ाव के बीच जानकारों ने छोटे और बड़े निवेशकों को कुछ अहम और ख़ास फ़ैक्टर्स पर पैनी नज़र रखने की साफ़ सलाह दी है, ताकि नुक़सान से बचा जा सके।
Share Market Prediction: क्रूड ऑयल (Crude Oil) और ग्लोबल मार्केट का असर
शेयर बाज़ार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की क़ीमतें इस वक़्त सबसे बड़ा और अहम रोल निभा रही हैं। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे भयंकर युद्ध और तनाव के कारण कच्चे तेल की क़ीमतों में तेज़ और भारी उछाल देखने को मिला है। इसका सीधा और ख़तरनाक असर भारतीय बाज़ार पर साफ़ पड़ रहा है। इसके अलावा, ग्लोबल बाज़ारों की चाल और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के ख़िलाफ़ उठाए गए सख़्त क़दम भी निफ़्टी (Nifty) और सेंसेक्स (Sensex) की अगली दिशा पूरी तरह तय करेंगे।
FII और DII के डेटा (Data) पर रहेगी ख़ास नज़र
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने घरेलू बाज़ार पर भारी दबाव बना रखा है। हालांकि, इसके बिल्कुल उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ख़रीदारी करके बाज़ार को थोड़ा सख़्त और मज़बूत सपोर्ट देने की कोशिश की है। बाज़ार के निवेशकों को रोज़ इन दोनों के डेटा पर अपना पूरा ज़ोर देना चाहिए, क्योंकि यह तय करेगा कि आगे बाज़ार में और ज़्यादा गिरावट आएगी या बाज़ार अपनी खोई हुई तेज़ रफ़्तार को वापस पकड़ेगा।
निवेशकों के लिए ज़रूरी और सख़्त फ़ैसला (Decision)
आर्थिक जानकारों का बिल्कुल साफ़ कहना है कि मौजूदा अनिश्चित हालात में निवेशकों को जल्दबाज़ी में कोई भी बड़ा फ़ैसला नहीं लेना चाहिए। अपने पोर्टफ़ोलियो को सुरक्षित रखने के लिए अच्छे और मज़बूत सेक्टर्स पर ज़ोर दें। सोने और चांदी में निवेश को भी एक सुरक्षित क़दम माना जा रहा है। बाज़ार की तेज़ चाल और भारी अस्थिरता को देखते हुए हमेशा सख़्त स्टॉप-लॉस का पालन करें।
