मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक भयंकर युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। ताज़ा US Iran Middle East War (यूएस ईरान मिडिल ईस्ट वॉर) अपडेट के अनुसार, दोनों देशों के बीच सीज़फ़ायर (Ceasefire) की सभी उम्मीदें लगभग ख़त्म हो चुकी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ताज़ा और सख़्त रुख़ के बाद वैश्विक कूटनीति में भारी उथल-पुथल मची हुई है। न्यूज़18 की ताज़ा लाइव रिपोर्टिंग के मुताबिक़, हालात हर गुज़रते दिन के साथ और ज़्यादा ख़राब होते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ना पूरी तरह से तय है।
US Iran Middle East War: होर्मुज़ (Hormuz) जलडमरूमध्य पर भारी संकट
इस बढ़ते सैन्य टकराव का सबसे बड़ा ख़तरा होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर मंडरा रहा है, जो दुनिया के तेल व्यापार (Oil Trade) का सबसे अहम् और व्यस्त मार्ग है। ईरान द्वारा इस रास्ते को बाधित करने की धमकियों के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार (Oil Market) में भारी दहशत का माहौल है। US Iran Middle East War के इस नाज़ुक मोड़ पर कच्चे तेल की क़ीमतों में ज़बरदस्त उछाल आने की आशंका है, जिससे भारत सहित कई विकासशील देशों में महंगाई का बड़ा तूफ़ान आ सकता है।
ब्रिटेन और बहरीन (UK and Bahrain) की अहम भूमिका
अमेरिका के इस आक्रामक सैन्य रुख़ के बीच अब ब्रिटेन (UK) और बहरीन जैसे सहयोगी देश भी पूरी तरह से सक्रिय नज़र आ रहे हैं। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़, इस संवेदनशील क्षेत्र में युद्धपोतों की तैनाती काफ़ी तेज़ कर दी गई है। यह स्पष्ट है कि ट्रंप प्रशासन ईरान को आर्थिक और सैन्य मोर्चे पर पूरी तरह से घेरने की एक बड़ी और सख़्त रणनीति पर काम कर रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) पर मंडराता बड़ा ख़तरा
कूटनीतिक जानकारों का साफ़ मानना है कि यदि यह युद्ध और अधिक भड़कता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति (Oil Supply) चेन बुरी तरह टूट जाएगी। शांति वार्ता पूरी तरह से विफल होने के कारण अब केवल सैन्य विकल्पों पर ज़ोर दिया जा रहा है। पूरी दुनिया की नज़र अब मध्य पूर्व के इस ख़तरनाक और नाज़ुक हालात पर गहराई से टिकी हुई है।
