-दो बड़ी कंपनियों के शेयर क्रैश हुए; 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान
नई दिल्ली। नए साल के पहले दिन स्टॉक मार्केट को ऐसा झटका लगा, जिसने इन्वेस्टर्स की नींद उड़ा दी। सरकार के एक फैसले से तंबाकू और सिगरेट कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिससे कुछ ही घंटों में करीब 60,000 करोड़ रुपये का मार्केट कैप खत्म हो गया। इस गिरावट में देश की सबसे बड़ी सिगरेट बनाने वाली कंपनी आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया सबसे आगे रहीं, जिनके शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई।
इस बीच, फाइनेंस मिनिस्ट्री ने 1 फरवरी, 2026 से सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी किया है। नए नियमों के मुताबिक, सिगरेट की लंबाई और कैटेगरी के आधार पर हर 1,000 स्टिक पर 2,050 रुपये से 8,500 रुपये तक की एक्स्ट्रा एक्साइज ड्यूटी लगेगी। यह टैक्स मौजूदा 40′ जीएसटी के ऊपर लगाया जाएगा। जैसे ही यह खबर मार्केट में आई, इन्वेस्टर्स ने इन शेयरों से दूर रहना ही बेहतर समझा।
आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स पर बड़ा असर
इस फैसले का सबसे ज़्यादा असर आईटीसी पर पड़ा, जिसकी सिगरेट मार्केट में करीब 75′ हिस्सेदारी है। कंपनी के शेयर करीब 9.7′ गिरे, जो मार्च 2020 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट थी। दूसरी ओर, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयर 17त्न से ज़्यादा गिरे। वीएसटी इंडस्ट्रीज और एनटीसी इंडस्ट्रीज में भी गिरावट दर्ज की गई।
सेल्स वॉल्यूम पर संकट
ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक, आने वाले समय में सिगरेट की बिक्री (वॉल्यूम) पर दबाव आ सकता है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल रिसर्च ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से, इतनी बड़ी टैक्स बढ़ोतरी के बाद बिक्री में 3′ से 9′ की गिरावट आई है। जेफरीज के अनुमान के मुताबिक, टैक्स का बोझ कंज्यूमर्स पर डालने के लिए आईटीसी को कीमतें कम से कम 15′ बढ़ानी पड़ सकती हैं।
आईटीसी की मजबूत स्थिति
लेकिन सभी एक्सपर्ट पूरी तरह से निराश नहीं हैं। फिसडम के नीरव करकरा का कहना है कि आईटीसी जैसी बड़ी कंपनी के पास एक मजबूत ब्रांड, अच्छा मार्जिन और एक डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल है, जिससे वह धीरे-धीरे झटके को झेल पाएगी। दूसरी ओर, छोटी कंपनियों पर असर ज़्यादा गहरा हो सकता है।

