कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सलवाद पर गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान: ‘आंतरिक सुरक्षा के तीन हॉटस्पॉट अब शांत’

कश्मीर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश ने आंतरिक सुरक्षा की तीन बड़ी चुनौतियों—कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद से निपटने में उल्लेखनीय प्रगति की है। पुलिस स्मृति दिवस पर नई दिल्ली में बोलते हुए उन्होंने इन क्षेत्रों को अब शांत बताया।

तीन संवेदनशील इलाके अब विकास के लिए तैयार

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “हाल के वर्षों में देश ने कई चुनौतियों का सामना किया है। इनमें तीन ऐसी बड़ी समस्याएं शामिल थीं, जिन्हें हमने दशकों तक झेला और जो हमारी आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील इलाके माने जाते थे: कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित पूरा क्षेत्र। आज, ये तीनों इलाके शांत हैं। यहां विकास के लिए अनुकूल माहौल बना है और ये क्षेत्र अब विकास के मामले में देश के बाकी हिस्सों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने आगे बताया कि कश्मीर में आतंकवाद पर काफी हद तक लगाम लगाई जा चुकी है। कई समझौतों और हजारों लोगों द्वारा हथियार डालने के बाद पूरा पूर्वोत्तर शांति की ओर बढ़ रहा है। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने पांच दशकों से कई राज्यों में फैली नक्सल समस्या को लगभग खत्म करने में बड़ी सफलता हासिल की है। अमित शाह ने विशेष रूप से CAPF और कोबरा (CoBRA) बटालियन की तारीफ की और नक्सलवाद के खिलाफ उनके योगदान के लिए उन्हें बधाई दी।

CAPF जवानों का आभार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमाओं और देश भर में तैनात CAPF जवानों का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा, “मैं सीमाओं पर तैनात और देश के भीतर सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले सभी CAPF जवानों को विशेष रूप से धन्यवाद देना चाहता हूं। वे अपने घरों से दूर रहकर हर मौके पर सतर्क रहते हैं—चाहे चुनाव हो, कोई त्योहार हो, विरोध-प्रदर्शन हो या फिर सीमा सुरक्षा का मामला हो। वे देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करते हैं।” शाह ने जोर दिया कि लोकतंत्र की रक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में CAPF की भूमिका अपरिहार्य है।

मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी से एक मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई। CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें रैली की जानकारी दी। ‘शहीद पुस्तिका रक्षक टोली’ ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

2029 तक नशा-मुक्त भारत का लक्ष्य

नशीले पदार्थों की समस्या पर बोलते हुए अमित शाह ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अगले साढ़े तीन वर्षों—2026 के बचे समय सहित 2027, 2028 और 2029—में नशीले पदार्थों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने का फैसला किया है। लक्ष्य है 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशा-मुक्त बनाना। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “यह हमारे लिए एक बहुत महत्वपूर्ण लक्ष्य है, जो तीन हॉटस्पॉट से निपटने से भी कहीं अधिक अहम है। नशीले पदार्थों की समस्या हमारी आने वाली पीढ़ियों को खोखला कर रही है, अर्थव्यवस्था पर अनावश्यक बोझ डाल रही है और देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचा रही है।”  उन्होंने देश भर के पुलिस बलों से अपील की कि वे ‘नशा-मुक्त भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन से काम करें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय किए गए रोडमैप का पालन करें।