महंगी दवाओं पर 10 हजार करोड़ का जुर्माना, केंद्र अब तक वसूल पाया सिर्फ 16% रकम

केंद्र ने ₹10,029 करोड़ वसूलने का दिया था आदेश, अब तक मिले सिर्फ ₹1,582 करोड़; बड़ी रकम कानूनी विवादों में फंसी

दिल्ली। महंगी दवाएं बेचने वाली कंपनियों से केंद्र सरकार को अब भी ₹8,447.4 करोड़ वसूलने हैं।

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कंपनियों पर तय कीमत से ज्यादा दर पर दवाएं बेचने के मामले में कुल ₹10,029.8 करोड़ की वसूली का आदेश दिया था। इसके मुकाबले अब तक केवल ₹1,582.4 करोड़ ही वसूले जा सके हैं।

बकाया रकम में से करीब ₹5,800 करोड़ कानूनी विवादों में फंसे हैं। लगभग ₹200 करोड़ की वसूली के मामले जिलाधिकारियों को भेजे गए हैं, जबकि ₹2,369.3 करोड़ की वसूली की प्रक्रिया जारी है। NPPA दवाओं की कीमतों की निगरानी करता है और तय सीमा से अधिक कीमत वसूलने पर कंपनियों से अतिरिक्त रकम की वसूली की कार्रवाई करता है।

दवाओं पर खर्च इलाज के बजट का बड़ा हिस्सा

इलाज के दौरान दवाओं पर होने वाला खर्च मरीजों और परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ाता है। आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में कुल चिकित्सा खर्च का करीब 19% हिस्सा दवाओं पर खर्च होता है। वहीं, शहरी क्षेत्रों के चिकित्सा संस्थानों में यह हिस्सेदारी लगभग 15% है।

इस मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि कंपनियों से वसूली जाने वाली अतिरिक्त रकम का लाभ उन मरीजों को कैसे मिले, जिन्होंने दवाएं ज्यादा कीमत पर खरीदी थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसे मरीजों को सीधे पैसा लौटाने की व्यवस्था नहीं है।

दवा की ज्यादा कीमत वसूलने पर यहां करें शिकायत

यदि मेडिकल स्टोर तय कीमत से अधिक पैसे लेता है, तो ग्राहक NPPA के टोल-फ्री नंबर 1800-11-1255 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा Pharma Sahi Daam ऐप या NPPA की वेबसाइट पर ‘Consumer Complaint’ के जरिए भी शिकायत की जा सकती है।

शिकायत के लिए दवा का पक्का बिल संभालकर रखें। बिल में दवा का नाम, मेडिकल स्टोर की जानकारी और वसूली गई कीमत दर्ज होना जरूरी है। इससे शिकायत की जांच और कार्रवाई में मदद मिल सकती है।