जांजगीर चांपा ।
छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रदेशभर के 16,000 से अधिक संविदा कर्मियों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की। इसी क्रम में आज बेमेतरा जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों में एनएचएम कर्मचारियों ने अपने-अपने विधायकों को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सरकार से माँगों के शीघ्र निराकरण की अपील की गई।संघ ने स्पष्ट किया है कि वर्षों से लंबित माँगों की अनदेखी के चलते यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। आंदोलन का उद्देश्य मानसून सत्र में सरकार का ध्यान आकर्षित करना है, जिससे इन मांगों को गंभीरता से उठाया जा सके।
प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं:
1. नियमितीकरण
2. 27% वेतन वृद्धि
3. ग्रेड-पे निर्धारण
4. स्थानांतरण नीति लागू करना
5. सेवा शर्तों में संशोधन
6. अन्य विभागों के समकक्ष सुविधाएँ
7. रोजगार सुरक्षा
8. मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश
9. वार्षिक वेतनवृद्धि
10. चिकित्सा बीमा/भत्तों की सुविधा
संघ द्वारा घोषित कार्यक्रम रूपरेखा:-
10 जुलाई: विधायकगण को ज्ञापन सौंपा गया
11 जुलाई: भाजपा जिलाध्यक्षों को ज्ञापन
12-16 जुलाई: काली पट्टी बाँधकर कार्यस्थल पर विरोध
16 जुलाई: विशेष ज्ञापन दिवस (कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को)
17 जुलाई: “रायपुर चलो” – राजधानी में विशाल प्रदर्शन एवं विधानसभा घेराव
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रेषक:-
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ
जिला इकाई –जांजगीर चंपा छत्तीसगढ़
पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश
अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह
जांजगीर विधायक व्यास कश्यप
सभी को ज्ञापन दिया गया,, जिसमें जिले से डॉ अमित मिरि डॉ सुशील सूर्यवंशी , डॉ ऋतुराज सिंह, डॉ.वसुंधरा कश्यप,
डॉ कार्तिक बघेल , मनोज सोनी, कांति देवांगन सौरभ सोनी अनामिका सुषमा गीतांजलि, संजीता अनंता, अमित साइटोंडे, योगेन्द्र आदि सदस्यों ने ज्ञापन दिया।
