भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में आज भारी कोहराम देखने को मिला है। कारोबारी सत्र के दौरान हुई चौतरफा बिकवाली ने निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये एक ही झटके में स्वाहा कर दिए हैं। दलाल स्ट्रीट पर आए इस भयंकर ‘share market crash’ ने बाजार के सभी प्रमुख सूचकांकों को लाल निशान (Red Zone) पर धकेल दिया है, जिससे छोटे और बड़े दोनों प्रकार के निवेशकों में भारी निराशा का माहौल है।
Share market crash: सेंसेक्स 1097 अंक टूटा
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) आज बुरी तरह लड़खड़ा गया। दिन भर की भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स 1097 अंकों की भयंकर गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 (Nifty) भी इस ‘share market crash’ की चपेट में आकर 24500 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खिसक गया है। बाजार के जानकारों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से कमजोर वैश्विक संकेत, मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा की गई अंधाधुंध बिकवाली जिम्मेदार है।
बैंकिंग और आईटी शेयरों में हाहाकार
इस भारी गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों को उठाना पड़ा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और इंफोसिस जैसी देश की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई, जिसने मुख्य सूचकांकों पर भारी दबाव बनाया। निवेशकों की संपत्ति (Market Cap) में एक ही दिन में कई लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी इस गिरावट से खुद को बचा नहीं सके हैं।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति
बाजार विशेषज्ञों और एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले कुछ कारोबारी सत्रों तक बाजार में यह अस्थिरता (Volatility) बनी रह सकती है। विदेशी बाजारों जैसे अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मंदी की आशंकाओं ने भी भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है। ऐसे में रिटेल निवेशकों को घबराहट में आकर बिकवाली (Panic Selling) या नई खरीदारी करने से बचना चाहिए और केवल उच्च गुणवत्ता (High Quality) वाले शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए।
