छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के बजट सत्र में सोमवार को भारी राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। आज की कार्यवाही के दौरान धान खरीदी (Paddy Procurement) और बस्तर के किसानों की समस्याओं का मुद्दा पूरे सदन में जोरों पर गूंजा। ‘Chhattisgarh Assembly Live’ के ताज़ा अपडेट्स के अनुसार, विपक्ष ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सदन की कार्यवाही का कड़ा विरोध किया है।
Chhattisgarh Assembly Live: धान खरीदी पर विपक्ष का हंगामा
प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी विधायकों ने प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्थाओं पर सरकार से तीखे सवाल किए। विपक्ष का स्पष्ट आरोप है कि प्रदेश के कई धान खरीदी केंद्रों (Procurement Centers) पर भारी प्रशासनिक अव्यवस्था है और किसानों को उनकी उपज का सही समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। ‘Chhattisgarh Assembly Live’ कार्यवाही के दौरान विपक्षी नेताओं ने सरकार से इस मुद्दे पर तुरंत जवाब मांगा और धान के उठाव में हो रही लेटलतीफी को लेकर भारी नाराजगी जाहिर की।
बस्तर के किसानों के मुद्दे पर तीखी बहस
सदन में विशेष रूप से बस्तर संभाग (Bastar Region) के किसानों की समस्याओं पर जमकर बहस हुई।
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में किसानों को अपना धान बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभागीय मंत्री ने सदन को आंकड़ों के साथ आश्वस्त करने का प्रयास किया कि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और सभी व्यवस्थाएं सुचारू हैं, लेकिन विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ।
असंतुष्ट विपक्ष ने किया सदन से वॉकआउट (Walkout)
सत्ता पक्ष के जवाबों से पूरी तरह असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन के वेल में आकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बार-बार शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद, विपक्षी विधायकों ने सरकार को ‘किसान विरोधी’ बताते हुए सदन से वॉकआउट (Walkout) कर दिया। यह राजनीतिक घमासान दर्शाता है कि राज्य में किसानों और धान का मुद्दा अभी और गरमा सकता है।
