छत्तीसगढ़ में इन दिनों भीषण गर्मी और लू ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश भर के स्कूलों में अब समय से पहले ही गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है।
एक मई के बजाय 20 अप्रैल से अवकाश
दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले 22 सितंबर 2025 को एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत राज्य के स्कूलों में एक मई से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश निर्धारित किया गया था।
- वर्तमान में पड़ रही तेज गर्मी और लू के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर की आशंका को देखते हुए सरकार ने इस आदेश में आंशिक संशोधन किया है।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की है कि अब प्रदेश के सभी स्कूलों में 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश रहेगा।
- यह आदेश सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
शिक्षकों को नहीं मिलेगी राहत
हालांकि, इस आदेश में एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी गई है, जिसका असर शिक्षकों पर पड़ेगा।
- राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह ग्रीष्मकालीन अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए है।
- स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और अन्य स्टाफ के लिए अवकाश के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- शिक्षकों को अपने नियमित समय के अनुसार स्कूल आना होगा और प्रशासनिक तथा अकादमिक कार्यों को पूरा करना होगा।
मुख्यमंत्री ने की घर में रहने की अपील
इसके अलावा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया पर इस फैसले की जानकारी देते हुए अभिभावकों और बच्चों से एक खास अपील भी की है।
- उन्होंने बच्चों को चिलचिलाती धूप में बाहर जाने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
- मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया है कि बच्चे छुट्टियों के दौरान घर पर रहकर रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लें।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि दोपहर के वक्त तापमान 42 से 45 डिग्री तक पहुंच रहा है, जिससे हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है।
