Foreign Funding in Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित इलाकों, विशेषकर बस्तर और धमतरी में विदेशी फंडिंग (Foreign Funding) को लेकर हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बड़े खुलासे ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ (The Timothy Initiative) नामक विदेशी संस्था के जरिए भारत में 95 करोड़ रुपये लाए गए, जिनमें से करीब 6.5 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ में धार्मिक गतिविधियों और धर्मांतरण (Religious Conversion) के लिए खर्च किए गए। इस खुलासे के बाद प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दल कांग्रेस (Congress) के बीच आरोप-प्रत्यारोप और जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने दागे तीखे सवाल
इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य और केंद्र की बीजेपी सरकार पर सीधा हमला बोला है।
- दीपक बैज ने कहा कि ईडी का यह खुलासा सीधे तौर पर राज्य और केंद्र की ‘डबल इंजन’ सरकार की बहुत बड़ी नाकामी (Failure) को दर्शाता है।
- उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब 2025 में केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सरकार थी, तो इतनी भारी-भरकम विदेशी फंडिंग भारत के अंदर कैसे आ गई? जांच एजेंसियां और खुफिया विभाग तब क्या कर रहे थे?
- बैज ने आरोप लगाया कि बीजेपी अपनी प्रशासनिक और खुफिया विफलता को छिपाने के लिए अब इस मुद्दे को 1 राजनीतिक प्रोपेगेंडा बना रही है और जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है।
बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा का तीखा पलटवार
कांग्रेस के इन हमलावर बयानों का जवाब देने के लिए रायपुर उत्तर से बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा (Purandar Mishra) सामने आए। उन्होंने दीपक बैज और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा।
- पुरंदर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग जैसी अवैध गतिविधियों को खुली छूट मिली हुई थी।
- उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जिन लोगों ने खुद धर्मांतरण के मामलों में ‘क्लीन चिट’ बांटी और विदेशी फंडिंग करने वाली संस्थाओं को संरक्षण दिया, आज वही लोग इस मामले पर सवाल उठा रहे हैं। यह बेहद हास्यास्पद है।”
- मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान बीजेपी सरकार ऐसे किसी भी अवैध काम को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईडी और राज्य की एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचेंगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
2025 से 2026 के बीच हुआ 95 करोड़ का खेल
आपको बता दें कि ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच यह 95 करोड़ की विदेशी फंडिंग भारत पहुंची थी। ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ संस्था भारत में पूरी तरह से प्रतिबंधित है और इसके पास फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) का रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले ने छत्तीसगढ़ की सियासत का पारा चढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गरमाने के आसार हैं।
