Business News: गैस बुकिंग में बड़ा बदलाव, 99 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग हुई ऑनलाइन, 94.5 प्रतिशत डिलीवरी OTP से

Online LPG Booking

Online LPG Booking:देश में डिजिटल इंडिया (Digital India) का असर अब आम आदमी की रसोई तक साफ दिखने लगा है। रसोई गैस (LPG) की सप्लाई और बुकिंग सिस्टम पूरी तरह से हाई-टेक हो चुका है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने एलपीजी की सप्लाई और डिलीवरी को लेकर एक बेहद अहम और बड़ी अपडेट जारी की है। आंकड़ों के मुताबिक, अब देश के 99 प्रतिशत लोग एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए लंबी लाइनों में लगने के बजाय घर बैठे ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं। आइए आपको इस रिपोर्ट की सभी अहम बातें विस्तार से बताते हैं।

94.5 प्रतिशत गैस डिलीवरी हो रही है OTP से सुरक्षित

गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग और फर्जी डिलीवरी को रोकने के लिए सरकार ने जो ओटीपी (OTP) सिस्टम लागू किया था, वह अब पूरी तरह से सफल साबित हो रहा है।

  • मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में 94.5 प्रतिशत से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी वन टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए पूरी की जा रही है।
  • इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिल रहा है। जब तक ग्राहक डिलीवरी बॉय के साथ अपना ओटीपी शेयर नहीं करता, तब तक डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाती।
  • इससे गैस चोरी या किसी दूसरे के नाम पर सिलेंडर लेने की आशंका लगभग खत्म हो गई है और पूरा सिस्टम पारदर्शी बन गया है।

LPG से PNG की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं लोग

रिपोर्ट का एक और दिलचस्प पहलू यह है कि अब शहरी इलाकों के लोग पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर को छोड़कर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं।

  • पिछले 1 महीने में ही देश भर में 5.36 लाख से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन चालू किए गए हैं।
  • इसके अलावा, लगभग 2.61 लाख अतिरिक्त कनेक्शन के लिए पाइपलाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा कर लिया गया है।
  • कुल मिलाकर यह संख्या 7.97 लाख तक पहुंच चुकी है।
  • लोगों के रुझान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 6 लाख नए ग्राहकों ने पीएनजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
  • सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए अब तक 42000 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अपना एलपीजी कनेक्शन हमेशा के लिए सरेंडर कर दिया है और पीएनजी अपना लिया है।

गैस की कोई किल्लत नहीं, रिफाइनरी पूरी क्षमता पर चालू

अक्सर त्योहारी सीजन या अंतरराष्ट्रीय संकट के समय गैस की कमी की अफवाहें फैलने लगती हैं। लेकिन सरकार ने साफ किया है कि देश में कहीं भी गैस की कमी (Dry-out) की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।

  • घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।
  • पेट्रोल और डीजल का भी देश में पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है।
  • देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता (High Capacity) पर काम कर रही हैं, ताकि किसी भी नागरिक को ईंधन या रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

पश्चिम एशिया के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए भी विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय अलर्ट मोड पर हैं, ताकि सप्लाई चेन पर कोई असर न पड़े।