Chhattisgarh Police Detained in Guwahati:साइबर ठगी (Cyber Fraud) के एक बड़े मामले की जांच करने असम (Assam) पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस (Chhattisgarh Police) खुद ही एक गंभीर विवाद में फंस गई है। ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) के जरिए लाखों की ठगी करने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए रायपुर के टिकरापारा थाने की 4 सदस्यीय टीम गुवाहाटी गई थी। लेकिन वहां गुवाहाटी पुलिस ने उल्टा छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम को ही हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम पर आरोप है कि उन्होंने पैसे लेकर 2 आरोपियों को कथित तौर पर छोड़ दिया।
क्या है पूरा मामला और क्यों गई थी पुलिस?
राजधानी रायपुर के मोती नगर इलाके के रहने वाले शरद कुमार के साथ साइबर ठगों ने फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर बड़ी धोखाधड़ी की थी।
- ठगों ने वीडियो कॉल कर पीड़ित को डराया-धमकाया और बैंक डिटेल्स हासिल कर लिए।
- आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में पीड़ित के खाते से 17.15 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
- ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने रायपुर के टिकरापारा थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई।
- इसी मामले की जांच और आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करते हुए टिकरापारा थाना प्रभारी (TI) रविंद्र यादव के नेतृत्व में 1 एएसआई, 1 हवलदार और 1 अन्य पुलिसकर्मी की टीम गुवाहाटी पहुंची थी।
असम पुलिस ने टीम को क्यों किया गिरफ्तार?
गुवाहाटी पुलिस का दावा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम ने वहां छापेमारी कर 3 आरोपियों को पकड़ा था। लेकिन असम पुलिस के मुताबिक, रायपुर पुलिस की टीम ने 1 आरोपी को हिरासत में रखा और 2 अन्य आरोपियों को कथित तौर पर रिश्वत (Bribe) लेकर छोड़ दिया।
- छोड़े गए आरोपियों ने गुवाहाटी पुलिस से संपर्क किया और रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज करा दी।
- इस गंभीर शिकायत के आधार पर असम पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और रायपुर पुलिस की पूरी 4 सदस्यीय टीम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
- कार्रवाई के दौरान असम पुलिस ने टीम के पास से करीब 2.50 लाख रुपये नकद भी जब्त किए हैं, जिसे रिश्वत की रकम होने का दावा किया जा रहा है।
24 घंटे बाद मिली रिहाई, अब होगी जांच
इस घटना की जानकारी जैसे ही छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय को मिली, महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल असम पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा। करीब 24 घंटे की पूछताछ और उच्च स्तरीय हस्तक्षेप के बाद गुवाहाटी पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम को छोड़ दिया है।
अब यह पुलिस टीम वापस रायपुर के लिए रवाना हो चुकी है। यह एक बेहद संवेदनशील मामला है, जिसमें रक्षक पर ही गंभीर आरोप लगे हैं। उम्मीद की जा रही है कि टीम के रायपुर लौटने पर पुलिस के आला अधिकारी पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच करेंगे और उसके बाद ही सच्चाई पूरी तरह सामने आ सकेगी।
