Census 2026: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने जनगणना प्रक्रिया में लिया हिस्सा, नागरिकों से की शत-प्रतिशत भागीदारी की अपील

Governor Ramen Deka Census 2026

Governor Ramen Deka Census 2026:रायपुर। देश के विकास और भविष्य की नीतियों को आकार देने वाले सबसे अहम अभियान ‘जनगणना 2026’ (Census 2026) की शुरुआत हो चुकी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका (Ramen Deka) ने राजधानी रायपुर स्थित राजभवन में इस प्रक्रिया में विधिवत रूप से हिस्सा लिया। उन्होंने जनगणना अधिकारियों को अपने और अपने परिवार का सटीक विवरण दर्ज कराया और प्रदेशवासियों के लिए एक मजबूत संदेश दिया।

डिजिटल जनगणना पर दिया गया विशेष जोर (Digital Census)

इस बार की जनगणना कई मायनों में बेहद खास है, क्योंकि इसे पूरी तरह से आधुनिक, पेपरलेस और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

  • सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा: नागरिक अब घर बैठे सरकारी पोर्टल के माध्यम से अपना ऑनलाइन ई-सेंसस (E-Census) फॉर्म भी भर सकते हैं।
  • राज्यपाल रमेन डेका ने सरकार की इस डिजिटल और पारदर्शी पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से न केवल समय की भारी बचत होगी, बल्कि एकत्रित किए गए डेटा की सटीकता भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित होगी।

राज्यपाल रमेन डेका की अपील: सही जानकारी है विकास का आधार

जनगणना प्रक्रिया को पूरा करने के बाद राज्यपाल ने राज्य के सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय महाअभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।

  • उन्होंने स्पष्ट किया कि, “जनगणना सिर्फ नागरिकों के सिर गिनने की प्रक्रिया नहीं है। यह हमारे देश और राज्य के भविष्य की नीतियों, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी विकास कार्यों की रूपरेखा तय करने का सबसे प्रामाणिक आधार है।”
  • उन्होंने आम जनता से विशेष आग्रह किया कि जब भी प्रगणक (Enumerators) उनके घर आएं, तो उन्हें बिना किसी संकोच के सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं।

प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता तैयारियां

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) के नेतृत्व में सरकार ने इस विशाल अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी कमर कस ली है।

प्रशासन का पूरा फोकस इस बात पर है कि सुदूर आदिवासी अंचलों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी बिना किसी रुकावट के शत-प्रतिशत जनगणना सुनिश्चित की जा सके।

छुट्टियों पर लगी रोक: इस अहम राष्ट्रीय कार्य और राज्य में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ के मद्देनजर, शासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की बिना पूर्व अनुमति के छुट्टियां लेने पर सख्त रोक लगा दी है।