Tribal Dignity Festival Chhattisgarh:रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ (Tribal Dignity Festival) का प्रदेशव्यापी शुभारंभ किया गया है। राज्य के आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम (Ramvichar Netam) के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान 18 मई से 25 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।
‘जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले’ – अभियान की थीम
इस अभियान की मुख्य थीम “जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” रखी गई है। इसका उद्देश्य न केवल सरकारी योजनाओं को जनजातीय समुदायों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाना भी है।
- लक्ष्य: मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह उत्सव प्रदेश की जनजातीय बसाहटों के शत-प्रतिशत विकास में मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास अनिवार्य है।
- प्रमुख योजनाएं: छत्तीसगढ़ इस अभियान के माध्यम से पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और आदि कर्मयोगी अभियान जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत करेगा।
15,000 से अधिक गांवों पर विशेष फोकस
इस अभियान के तहत प्रदेश भर में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं:
- पीएम जनमन योजना: 1544 चयनित ग्रामों में विशेष ध्यान।
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: 6691 ग्रामों को लक्षित किया गया है।
- आदि सेवा केंद्र: 7222 आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से जनसुनवाई और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।
अभियान की कार्ययोजना
- निगरानी: आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और आयुक्त डी. राहुल वेकंट के नेतृत्व में अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।
- जनसुनवाई: प्रत्येक आदि सेवा केंद्र में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, जहां प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा और प्रतिदिन की रिपोर्ट ‘आदि प्रसारण पोर्टल’ पर अपलोड की जाएगी।
- सशक्तिकरण: योजनाओं के अलावा, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय सहकारी समितियों के माध्यम से जनजातीय युवाओं को डेयरी और अन्य स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा।
मंत्री रामविचार नेताम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस अभियान के मूल उद्देश्यों को हासिल करें, ताकि अंतिम व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँच सके।
