Sushasan Tihar 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ विजन को मिल रहा जनसमर्थन, छत्तीसगढ़ में प्रशासन सीधे जनता के द्वार

Sushasan Tihar 2026

Sushasan Tihar 2026:रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश में लागू किए गए ‘सुशासन’ (Good Governance) के संकल्प को अब जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है। ‘सुशासन तिहार 2026’ के माध्यम से राज्य सरकार ने प्रशासन को आम आदमी की दहलीज तक पहुंचाने की जो मुहिम शुरू की है, वह न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण बन गई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली भी ला रही है।

प्रशासन जनता के द्वार: सुशासन का नया मॉडल

मुख्यमंत्री साय का स्पष्ट विजन है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी भी नागरिक को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इसी उद्देश्य से ‘सुशासन तिहार’ के तहत प्रदेश के सुदूर अंचलों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

  • त्वरित समाधान: इन शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना जा रहा है और मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा उनका समाधान किया जा रहा है।
  • जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ: पेंशन, राशन कार्ड, आधार सुधार और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को सीधे उनके गांवों में ही मिल रहा है।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही: मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सुशासन का अर्थ केवल योजना बनाना नहीं, बल्कि उसे अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है।

गांव-गांव में बदलती तस्वीर

सुशासन तिहार ने छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल दी है। जहां पहले छोटी-छोटी समस्याओं के लिए ग्रामीणों को कई दिनों तक जिला मुख्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब वही काम उनके गांव में लगे शिविरों में कुछ ही घंटों में हो जा रहा है। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बच रहा है, और शासन-प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री का संकल्प: सबका साथ, सबका विकास

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का मानना है कि सुशासन केवल कागजों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह आम जनता के जीवन स्तर में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। सरकार की कार्यशैली में आए इस बदलाव से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है और आम जनता के साथ एक सीधा और सकारात्मक संवाद कायम हुआ है। ‘सुशासन तिहार’ के तहत राज्य सरकार आने वाले दिनों में और भी अधिक क्षेत्रों में इस तरह के शिविरों का आयोजन करने की योजना बना रही है ताकि ‘गुड गवर्नेंस’ का लाभ प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंच सके।