Chhattisgarh Fertilizer Crisis: छत्तीसगढ़ में खाद संकट, सरकार ने लागू किया वितरण का नया फॉर्मूला, जानें किसे मिलेगी कितनी खाद

Chhattisgarh Fertilizer Crisis

Chhattisgarh Fertilizer Crisis:रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में इस खरीफ सीजन (Kharif Season) के दौरान किसानों के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आयात प्रभावित होने के कारण राज्य में रासायनिक खाद, विशेषकर यूरिया और डीएपी (DAP), की भारी कमी हो गई है। किसानों की बढ़ती चिंता को देखते हुए राज्य सरकार और कृषि विभाग (Agriculture Department) ने खाद वितरण का एक नया फॉर्मूला लागू किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमित मात्रा में उपलब्ध उर्वरक सभी किसानों तक समान रूप से पहुंच सके।

सरकार का नया फॉर्मूला: यूरिया 80% और डीएपी 60% मिलेगा

कृषि विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, खाद की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यह सख्त फैसला लिया गया है:

  • यूरिया का वितरण: किसानों को निर्धारित मात्रा का केवल 80 प्रतिशत यूरिया ही वितरित किया जाएगा। शेष 20 प्रतिशत मात्रा आपूर्ति सामान्य होने पर ही मिलेगी।
  • डीएपी का वितरण: किसानों को निर्धारित मात्रा का केवल 60 प्रतिशत डीएपी दिया जाएगा।
  • नैनो उर्वरकों का विकल्प: आपूर्ति सामान्य न होने की स्थिति में किसानों को यूरिया और डीएपी की शेष जरूरत को पूरा करने के लिए ‘नैनो यूरिया’ (Nano Urea) और ‘नैनो डीएपी’ के उपयोग की सलाह दी जाएगी। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरक लेना पूरी तरह से वैकल्पिक (Optional) होगा और किसानों पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा।

खाद वितरण की नई व्यवस्था और किसानों की श्रेणियां

खाद का वितरण भूमि के आधार पर किस्तों में किया जाएगा। इसके लिए किसानों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:

किसान की श्रेणी (Land Holding)खाद वितरण का नियम (Distribution Rule)
सीमांत किसान (2.5 एकड़ तक)खाद की पूरी निर्धारित मात्रा एकमुश्त (Single Installment) दी जाएगी।
लघु किसान (2.5 से 5 एकड़ तक)खाद दो किस्तों में मिलेगी। दूसरी किस्त 20 दिन बाद दी जाएगी।
बड़े किसान (5 एकड़ से अधिक)खाद तीन किस्तों में मिलेगी। प्रत्येक किस्त के बीच 20 दिनों का अंतर रहेगा।

बोरी के आधार पर होगी गणना: नई व्यवस्था में खाद वितरण की गणना बोरी (Sacks) के आधार पर होगी। यदि गणना में संख्या दशमलव (Decimal) में आती है, तो निकटतम पूर्णांक (Nearest Integer) को मान्य किया जाएगा। उदाहरण के लिए, 7.5 को 7 और 7.8 को 8 बोरी माना जाएगा।

जैविक खाद को बढ़ावा और किसानों की चिंता

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता खराब हुई है। इसलिए इस संकट के समय जैविक खाद और हरी खाद के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि संचालक की ओर से सभी कलेक्टरों (Collectors), मार्कफेड और सहकारी समितियों को पारदर्शी वितरण के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

वहीं, किसानों में इस फैसले को लेकर भारी चिंता (Farmers’ Concern) है। धान की बुआई के समय पर्याप्त खाद न मिलने से फसल उत्पादन प्रभावित होने का डर सता रहा है। अब राज्य सरकार की नजरें केंद्र से मिलने वाली आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर टिकी हुई हैं।