Arpa Bihan Honey: बैगा अंचल की महिलाओं का कमाल, ‘अरपा बिहान’ शहद की पहली बड़ी खेप पहुंची बैंगलोर

Arpa Bihan Honey

Arpa Bihan Honey:रायपुर/जीपीएम। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले के सुदूर वनांचल और बैगा अंचल के ग्राम आमाडोब एवं केवंची की महिलाओं की कड़ी मेहनत अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ (Bihan) के अंतर्गत गठित स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जंगलों से संग्रहित प्राकृतिक शहद अब राज्य की सीमाओं को पार कर देश के बड़े शहरों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में शहद की पहली बड़ी खेप हाल ही में बैंगलोर (Bangalore) भेजी गई है, जिससे ग्रामीण महिलाओं में भारी उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।

‘अरपा बिहान’ ब्रांड के नाम से हो रही पैकेजिंग

बैगा अंचल के घने जंगलों से संग्रहित इस शुद्ध और प्राकृतिक शहद की शानदार ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग “अरपा बिहान” (Arpa Bihan) के नाम से की जा रही है।

  • यह महत्वपूर्ण कार्य ‘तिपान महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी’ के माध्यम से सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
  • महिलाओं द्वारा तैयार किया गया यह उत्पाद अब बाजार में अपनी बेहतर गुणवत्ता और विशिष्टता के कारण ग्राहकों के बीच एक अलग पहचान बना रहा है।

कलेक्टर ने बैंकर्स मीटिंग में दिखाई हरी झंडी

बुधवार को अरपा सभा कक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैंकर्स मीटिंग के दौरान जिला कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन (Dr. Santosh Dewangan) और मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने शहद की इस खेप को सांकेतिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद तिपान महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा शहद की इस खेप को बैंगलोर के लिए भेज दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पहल न केवल स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार (National Market) दिलाने का एक गंभीर प्रयास है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी एक मील का पत्थर है।

‘लखपति दीदी’ अभियान को मिल रही नई उड़ान

बिहान योजना के माध्यम से जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की एक नई और मजबूत मिसाल पेश कर रही हैं।

  • प्राकृतिक संसाधनों का संग्रहण, उनकी वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन करके महिलाएं आर्थिक रूप से लगातार मजबूत हो रही हैं।
  • राज्य सरकार की यह मंशा है कि स्वसहायता समूहों की अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi) के रूप में विकसित किया जाए।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा ऑनलाइन बाजार

कलेक्टर ने जिला मिशन प्रबंधक को कड़े निर्देश दिए हैं कि भविष्य में भी स्वसहायता समूहों के उत्पादों के राज्य से बाहर विपणन और उनके ऑनलाइन विक्रय (Online Sales) के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। बिहान समूहों से जुड़ी महिलाएं अब केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उद्यमिता की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ा रही हैं। बैगा अंचल के शहद का बैंगलोर तक पहुंचना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।