रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (CGRERA) ने नियमों का पालन न करने वाली बड़ी कंपनियों पर सख्त रुख अपना लिया है। हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेरा ने दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी ‘गोदरेज’ (Godrej) के एक प्रोजेक्ट पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर यह कार्रवाई बिना रेरा रजिस्ट्रेशन के प्रोजेक्ट का विज्ञापन और प्रमोशन करने के आरोप में की गई है।
क्या है पूरा मामला? रेरा के नियमों के अनुसार, किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को तब तक प्रमोट या विज्ञापित नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसका आधिकारिक रजिस्ट्रेशन रेरा पोर्टल पर न हो जाए।
- जानकारी के मुताबिक, गोदरेज ने अपने एक प्रोजेक्ट के लिए बिना रजिस्ट्रेशन लिए ही प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया था।
- रेरा को जैसे ही इसकी सूचना मिली, उसने मामले को संज्ञान में लिया।
- अथॉरिटी ने इसे रेरा अधिनियम (RERA Act) का सीधा उल्लंघन माना और कंपनी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा।
रेरा का सख्त संदेश छत्तीसगढ़ रेरा ने इस जुर्माने के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों से ऊपर कोई नहीं है।
- रेरा के अधिकारियों का कहना है कि डेवलपर्स को ग्राहकों के हितों की रक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
- बिना रजिस्ट्रेशन के प्रोजेक्ट का प्रमोशन न केवल अवैध है, बल्कि यह संभावित खरीदारों को भ्रमित भी करता है।
आम खरीदारों के लिए सबक यह कार्रवाई उन तमाम लोगों के लिए एक सबक है जो बिना रेरा रजिस्ट्रेशन देखे ही प्रोजेक्ट्स की बुकिंग या प्रमोशन से प्रभावित हो जाते हैं।
- खरीददारों को सलाह: कोई भी संपत्ति खरीदने या बुकिंग करने से पहले हमेशा यह जांचें कि क्या वह प्रोजेक्ट रेरा पोर्टल पर पंजीकृत (Registered) है या नहीं।
- यदि किसी प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं है, तो उसमें निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
रेरा की इस कार्रवाई से रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में रेरा इसी तरह से अन्य डेवलपर्स के खिलाफ भी सख्ती जारी रखेगा ताकि ग्राहकों का भरोसा बना रहे।
