रायपुर/कबीरधाम। छत्तीसगढ़ में धान की बुवाई और कृषि कार्यों के बीच खाद, डीजल और बिजली की किल्लत ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसे लेकर राज्य भर में किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी कड़ी में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए राज्यव्यापी प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
किसानों की मुख्य समस्याएं:
- खाद की किल्लत: सोसायटियों में खाद की भारी कमी है, जिससे किसानों को समय पर बुवाई करने में भारी दिक्कत हो रही है।
- डीजल के दाम और उपलब्धता: खेती के लिए जरूरी डीजल की बढ़ती कीमतें और कई क्षेत्रों में इसकी सीमित उपलब्धता ने किसानों की लागत बढ़ा दी है।
- अघोषित बिजली कटौती: खेतों में पंप चलाने के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, जिससे खड़ी फसलें सूखने की कगार पर हैं।
कांग्रेस का सरकार पर निशाना कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में किसानों की स्थिति बदतर हो चुकी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालयों के सामने प्रदर्शन करते हुए सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया।
- नेताओं का कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद किसानों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
- धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में यदि बुवाई के समय ही किसान खाद और बिजली के लिए भटकेंगे, तो उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
प्रशासनिक स्तर पर क्या है स्थिति? वहीं सरकार का पक्ष है कि खाद का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में है और जल्द ही वितरण प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। बिजली कटौती को लेकर ऊर्जा विभाग ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया है। लेकिन किसानों का कहना है कि प्रशासन के ये दावे केवल कागजों तक सीमित हैं।
