वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते (US-Iran Deal) के बाद अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से व्यापारिक जहाजों का निकलना फिर से शुरू हो गया है। हालांकि, लंबे समय से फंसे होने के कारण इतने ज्यादा जहाज कतार में खड़े थे कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
इस भारी ट्रैफिक और संभावित दुर्घटनाओं से निपटने के लिए ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) ने जहाजों को बिना किसी असुविधा के पास करवाने के लिए कुछ बेहद सख्त नियम लागू किए हैं।
PGSA के नए और सख्त नियम
PGSA के मुताबिक, जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और किसी भी तरह की दुर्घटना को टालने के लिए नई पारगमन (Transit) प्रक्रिया लागू की गई है:
- 48 घंटे पहले आवेदन: नए नियमों के तहत जहाज को होर्मुज के पास पहुंचने से कम से कम 48 घंटे पहले अपनी ‘ट्रांजिट रिक्वेस्ट’ जमा करनी होगी।
- पूरी जानकारी अनिवार्य: इस एप्लिकेशन में यात्रा की पूरी जानकारी, रूट, संपर्क सूत्र और जहाज के बारे में सारी तकनीकी जानकारी देनी होगी।
- लगातार संपर्क: अनुमति मिलने के बाद भी जहाज का संपर्क अथॉरिटी से लगातार बना रहना चाहिए। अगर इसमें किसी तरह की चूक होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जहाज के मालिक की होगी।
- ऑनलाइन सुविधा: पीजीएसए ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ट्रांजिट रिक्वेस्ट जमा करने की आसान सुविधा प्रदान की है। (ज्ञात हो कि युद्ध के दौरान होर्मुज में माइन्स बिछा दी गई थीं, इसलिए सुरक्षा कारणों से जहाजों को बिना पूर्व सूचना के गुजरने नहीं दिया जा सकता।)
क्यों इतना अहम है Strait of Hormuz?
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। मार्च में अमेरिकी हमले के बाद से यह मार्ग सामान्य आवाजाही के लिए लगभग बंद था और जहाजों पर हमले का खतरा बना रहता था।
- तेल व्यापार की जीवन रेखा: इसी जलमार्ग से खाड़ी देशों के लगभग 80 फीसदी तेल और गैस का निर्यात होता है।
- भारत के लिए महत्व: चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ-साथ भारत के लिए यह मार्ग बेहद अहम है। भारत अपनी कच्चे तेल की कुल आवश्यकता का करीब 40 फीसदी आयात इसी मार्ग से करता है।
60 दिनों तक नहीं लगेगा कोई शुल्क (No Fee for 60 Days)
समझौते के मुताबिक, अगले 60 दिनों तक ईरान जहाजों को पास कराने के बदले किसी भी तरह का शुल्क (Toll/Fee) वसूल नहीं करेगा।
- व्यापारिक जहाजों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और पर्यावरण से संबंधित कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- रखरखाव से संबंधित सारा खर्च फिलहाल ईरान की सरकार वहन करेगी।
- यातायात सुधरने का असर दिखने लगा है; गुरुवार को होर्मुज से होकर कम से कम 25 जहाज सुरक्षित निकले, जबकि अप्रैल के पूरे महीने में बमुश्किल 7 से 8 जहाज ही पास हो पाए थे।
इजरायल-हिजबुल्लाह तनाव से टली शांति वार्ता
एक तरफ जहां होर्मुज में हालात सामान्य हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शांति प्रयासों को एक झटका भी लगा है। शुक्रवार से स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू होने वाली थी। लेकिन ऐन वक्त पर इजरायल और हिजबुल्लाह (Israel-Hezbollah Conflict) के बीच संघर्ष तेज हो गया। इजरायल ने लेबनान में एयरस्ट्राइक कर दी, जिसके बाद शुक्रवार की वार्ता टाल दी गई और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने अपना स्विट्जरलैंड का दौरा भी रद्द कर दिया।
