नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने ओडिशा में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की निगरानी के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य की देखरेख के लिए 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर (ERO) नियुक्त किया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी पूरे पुनरीक्षण अभियान की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना होगी।
चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, नियुक्त सभी अधिकारियों को उनके जिम्मे दिए गए जिलों का कम से कम तीन बार दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। दौरे के दौरान वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य की प्रगति, दावों और आपत्तियों के निस्तारण तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की समीक्षा करेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऑब्जर्वर स्थानीय प्रशासन और चुनाव अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों और किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत का समय पर समाधान किया जाए।
ओडिशा के लिए मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) 5 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाता अपने नाम, पते या अन्य विवरणों में त्रुटि होने पर दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
चुनाव आयोग का मानना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति से निगरानी व्यवस्था और मजबूत होगी। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह विश्वसनीय और अद्यतन हो सके।
