अयोध्या। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में नया मोड़ आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने दावा किया है कि उनके अनुमान के अनुसार करीब 3 करोड़ रुपए के चढ़ावे की चोरी हुई है।
उन्होंने 14 करोड़ रुपए के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी होने की खबरों को गलत बताया। पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपने इस्तीफे की अटकलों को भी खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कोई इस्तीफा नहीं दिया है।
उधर, अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने मामले के मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान पर अंतिम नोटिस चस्पा कर दिया है।
इससे पहले 3 जुलाई को भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा की ओर से कोई जवाब या भवन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। प्राधिकरण ने 15 जुलाई तक का अंतिम मौका दिया है। निर्धारित समय तक जवाब नहीं मिलने पर निर्माणाधीन मकान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच कर रही पुलिस ने आरोपी रमाशंकर मिश्रा और सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव को अदालत की अनुमति से 14 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया है।
दोनों से बुधवार को पूछताछ कर चोरी की रकम, अन्य आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस ने सात दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल 14 घंटे की रिमांड मंजूर की है।
इस बीच ट्रस्ट की वेबसाइट से पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र का नाम हटा दिया गया है। उनकी वीआईपी पास आईडी भी निष्क्रिय कर दी गई है।
उनकी जगह अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास के नाम से नई वीआईपी पास आईडी जारी की गई है। मामले की जांच के साथ प्रशासनिक कार्रवाई भी लगातार तेज होती जा रही है।
