दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ बेंगलुरु और मंगलुरु में पुलिस शिकायत दर्ज कराते हुए उन पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर भाजपा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है।
भाजपा का आरोप है कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम का गायन चल रहा था। इसी दौरान सोनिया गांधी ने इशारे के जरिए कार्यक्रम को रोकने का संकेत दिया।
कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आपस में बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।
बेंगलुरु में भाजपा युवा मोर्चा ने मल्लेश्वरम थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि मंगलुरु में भाजपा नेताओं ने उर्वा थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक धीरज मुनिराजू ने कहा कि वंदे मातरम देश की भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
यदि राष्ट्रगीत के गायन में किसी तरह की बाधा डाली गई है तो इसके लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि माफी मिलने तक विरोध जारी रहेगा।
इस विवाद के बाद रायपुर, पटना, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम समेत कई शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने रैली और प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर मशाल जुलूस और कैंडल मार्च भी निकाले गए।
गौरतलब है कि हाल ही में संसद ने वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण देने वाला नया कानून पारित किया है। इसके तहत राष्ट्रगीत के अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
