दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में 22 सितंबर की शाम एक कार से दो पुलिसकर्मियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान हेड कॉन्स्टेबल फरीद अहमद और सिलेक्शन ग्रेड कॉन्स्टेबल मोहम्मद याकूब के रूप में हुई है। दोनों रामबन की डिस्ट्रिक्ट पुलिस लाइंस में तैनात थे। पुलिसकर्मी कार में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले थे।
स्थानीय लोगों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। फिलहाल दोनों की मौत किस वजह से हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
कश्मीर को जम्मू से जोड़ता है रामबन
रामबन जम्मू क्षेत्र को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित है। यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पिछले कुछ महीनों में जिले और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों के कई मामले सामने आए हैं।
7 अगस्त को चंद्रकोट और नाशरी इलाके में नाकेबंदी तोड़कर भागी एक संदिग्ध कार डलवास लिंक रोड पर लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद जिले में हाई अलर्ट जारी कर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया था। 9 जुलाई को कठुआ के बिलावर में आतंकी ठिकाना ध्वस्त कर दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे। इसके बाद रामबन से लगे जंगलों में निगरानी बढ़ाई गई थी।
घायल आतंकी की तलाश में पांच जिलों में अलर्ट
जम्मू-कश्मीर में हाल में हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक घायल आतंकी की तलाश कर रही हैं। सेना ने 17 सितंबर को ‘ऑपरेशन सोहन’ चलाया था। मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे, जबकि एक आतंकी घायल होकर भाग निकला था।
अधिकारियों के मुताबिक, घायल आतंकी मजालता के जंगलों में छिपा हो सकता है। उसकी तलाश में कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ में हाई अलर्ट जारी किया गया है। फोरेंसिक टीमें भागने वाले रास्ते पर मिले खून के निशान और अन्य सुरागों की जांच कर रही हैं। रामबन में दो पुलिसकर्मियों की मौत की घटना को लेकर भी पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
