वार्शिंगटन। अमेरिका में सत्ता के समीकरण बदलते ही AI की बेतहाशा रफ्तार पर ग्रहण के बादल छा गए हैं। दरअसल दावा किया जा रहा है कि अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कांग्रेस संभालते ही टेक दिग्गजों के खिलाफ एक बड़ा विधायी अभियान छेड़ने का खाका तैयार कर लिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी संसद की कमान संभालते ही AI पर लगाम लगाने के लिए नए कानूनों की झड़ी लगाने की तैयारी में है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे रिपब्लिकन शासन से चली आ रही AI कंपनियों की मनमर्जी पर रोक लगेगी और जवाबदेही तय होगी। डेमोक्रेटिक पार्टी आम लोगों के बिजली बिल में कटौती और AI की सेफ्टी टेस्टिंग तक पर काम करने वाले हैं।
AI को लेकर आएंगे बड़े कानून
डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के पास फिलहाल सबसे बड़ा मुद्दा AI का है। इसमें सबसे पहले नंबर पर अमेरिकी नागरिकों को बढ़े हुए बिजली बिल से बचाना है।
सीनेट मेजॉरिटी लीडर बनने जा रहे चक शूमर ने बताया है कि ऊर्जा संकट में आम लोगों को राहत दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी।
इसके अलावा सांसद लोरी ट्रहान AI मॉडल्स के लिए स्वतंत्र एक्सपर्ट्स द्वारा सुरक्षा मानकों की जांच को अनिवार्य बनाने की तैयारी में हैं।
इन नियमों में यह भी साफ किया गया है कि किसी AI की वजह से अगर कोई वास्तविक नुकसान होता है, तो डेवलपर कंपनी पर सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संसद में होगी दिग्गजों से पूछताछ
अमेरिका में बदले राजनीतिक समीकरणों के चलते डेमोक्रेट्स को जांच और समन भेजने की शक्ति मिल जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रोग्रेसिव कॉकस के प्रमुख ग्रेग कासार ने जोर देकर कहा है कि टेक कंपनियों के टॉप अधिकारियों को संसद में आकर शपथ लेकर गवाही देनी होगी।
गौरतलब है कि डेमोक्रेट्स ने पहले ही OpenAi, एंथ्रोपिक, मेटा, गूगल और SpaceX जैसी कंपनियों से सुरक्षा व्यवस्था और अनचाहे AI एक्शन की रिपोर्ट मांगी है। इसका मतलब साफ है कि अब AI कंपनियों पर निगरानी बढ़ने वाली है।
ट्रंप के वीटो से निपटने का रास्ता तैयार
गौर करने वाली बात है कि नए नियमों को लागू करना आसान नहीं होगा क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टेक्नोलॉजी पर किसी भी तरह के नियम के खिलाफ रहे हैं। ट्रंप ने हाल ही में राज्यों से AI अपनाकर आर्थिक तौर पर मजबूत बनने की सिफारिश की थी।
ऐसे में डेमोक्रेट्स AI से जुड़े प्रावधानों को रक्षा या सालाना बजट जैसे जरूरी राष्ट्रीय विधेयकों के साथ जोड़ने की रणनीति बना रहे हैं। इन्हें रोकना ट्रंप के लिए मुमकिन नहीं होगा।
