दिवाली पर जनता के साथ भोजन करेंगे BJP विधायक, स्मृति ईरानी बोलीं- दूरियां मिटाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा विधायकों को दिवाली के दौरान अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनता और कार्यकर्ताओं के साथ भोज आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच जाकर उनसे जुड़ना चाहिए, ताकि उनके और पार्टी के बीच की दूरियां मिटाई जा सकें।

स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन सोमवार को विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के साथ संगठनात्मक बैठक हुई। इसमें सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने, पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई।

मंत्रियों के कामकाज पर भी उठे सवाल

स्मृति ईरानी के दौरे के पहले दिन रविवार को करीब 9 घंटे तक अलग-अलग स्तर के नेताओं के साथ बैठकें हुई थीं। इनमें पूर्व सांसदों, विधायकों और निगम-मंडल के पदाधिकारियों ने कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें की थीं। हालांकि, शिकायतों के विषय और संबंधित मंत्रियों के नाम सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

मंत्रियों से नाराजगी के सवाल पर मंत्री रामविचार नेताम ने ‘नो कमेंट्स’ कहा। वहीं, मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जिसके ऊपर जिम्मेदारी होगी, उसकी थोड़ी-बहुत शिकायत तो होगी ही।

2028 के चुनाव के लिए एकजुटता पर जोर

बैठक में स्मृति ईरानी ने नेताओं से पूछा कि 2028 में प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी नेताओं को एकजुट होकर काम करने और संगठन को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने, पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने तथा जनता के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

जनता से सीधा जुड़ाव बनाने की रणनीति

दिवाली पर भोज आयोजित करने की पहल को जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इसके जरिए विधायक अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और जनता के साथ समय बिताएंगे। पार्टी की रणनीति संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाकर आगामी चुनाव की तैयारियों को मजबूत करने की है।