Chhattisgarh Weather Update Relief From Heat:रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए चिलचिलाती और झुलसाने वाली धूप के बीच एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के मौसम ने अचानक करवट बदली है, जिससे पिछले कई दिनों से जारी रिकॉर्डतोड़ गर्मी और लू (Heatwave) के प्रकोप से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। राजधानी रायपुर (Raipur) समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश और गरज-चमक के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आया यह सुखद बदलाव प्री-मानसून (Pre-Monsoon) गतिविधियों के सक्रिय होने के चलते देखा जा रहा है।
धूलभरी आंधी के साथ बरसे बदरा, मौसम हुआ सुहावना
शनिवार को दोपहर बाद प्रदेश के कई जिलों में अचानक घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज रफ्तार धूलभरी आंधी चलने लगी। इसके बाद रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और जांजगीर-चांपा समेत कई मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
- तापमान में गिरावट: इस अचानक हुई बारिश और आंधी की वजह से पिछले चौबीस घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। दिनभर की उमस और भारी तपिश के बाद शाम को चली ठंडी हवाओं ने मौसम को बेहद खुशनुमा और सुहावना बना दिया।
- आवागमन में थोड़ी परेशानी: हालांकि, कुछ शहरी और ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की भी खबरें हैं। कई निचले इलाकों में क्षणिक जलभराव की स्थिति भी बनी, जिससे राहगीरों को आने-जाने में थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सरगुजा संभाग में ‘ऑरेंज अलर्ट’, प्रशासन मुस्तैद
मौसम विभाग (IMD) ने प्री-मानसून सिस्टम के सक्रिय होने को देखते हुए अगले पांच दिनों तक प्रदेश भर में मौसम के ऐसा ही बने रहने की संभावना जताई है।
- तेज हवाओं की चेतावनी: विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि आने वाले दिनों में पचास से साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात (आकाशीय बिजली) होने की आशंका है।
- ऑरेंज अलर्ट: विशेष रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के जिलों (सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, बलरामपुर और कोरिया) के लिए मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
तापमान का ताजा हाल: मौसम में आई इस गिरावट के बावजूद राजनांदगांव जिला छियालीस डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र बना रहा। वहीं, जगदलपुर, अंबिकापुर और पेंड्रारोड जैसे पहाड़ी और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पारा छत्तीस से अड़तीस डिग्री के बीच सिमट गया है, जिससे वहां मौसम काफी ठंडा हो गया है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों और विशेषकर किसानों को खेतों में न जाने और बिजली के खंभों व पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सख्त हिदायत दी है।
