16 जुलाई को निकलेगी ऐतिहासिक रथयात्रा, 619 साल पुरानी परंपरा का होगा निर्वहन
रायपुर। बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व-2026 का निमंत्रण लेकर आयोजन समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को महापर्व में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर की परंपरा का सम्मान करते हुए भगवान श्री जगन्नाथ को पारंपरिक तुपकी चलाकर प्रतीकात्मक सलामी दी। यह गोंचा महापर्व की प्रमुख सांस्कृतिक परंपराओं में से एक मानी जाती है।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जगदलपुर शहर में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे विद्युत संबंधी समस्याओं में कमी आई है और भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान होने वाली परेशानियां भी दूर हो गई हैं।
360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष वेदप्रकाश पांडे ने बताया कि समाज 619 वर्षों से इस ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन कर रहा है। इस वर्ष गोंचा महापर्व का आयोजन 29 जून से 25 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है। महापर्व के तहत भगवान श्री 1008 जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को श्री जगन्नाथ मंदिर से निकलेगी, जो सिरहासार भवन (जनकपुरी) पहुंचकर संपन्न होगी। इसी स्थान पर महाप्रभु विराजमान रहेंगे।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, गोंचा महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष मुक्तेश पांडे सहित समिति के पदाधिकारी और अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
