सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला: छाती पर कृपाण से वार की कोशिश, हाथ आगे कर बची जान; 8 टांके लगे

लुधियाना। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा माता साहिब में जानलेवा हमला किया गया। एक निहंग ने कृपाण से उनकी छाती पर वार करने की कोशिश की, लेकिन ऐन वक्त पर सुखबीर बादल ने अपना हाथ आगे कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हमले में उनके हाथ पर गहरा घाव हुआ और डॉक्टरों को 8 टांके लगाने पड़े।

पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब सुखबीर बादल गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद बाहर निकल रहे थे। तभी आरोपी जसपाल सिंह ने अचानक कृपाण निकालकर उन पर हमला कर दिया। हालांकि, मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को पकड़ लिया।

नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक निलाभ रोहन ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर नाराजगी जताई है। पुलिस के मुताबिक, उसने स्वीकार किया कि वह सुखबीर बादल पर हमला करने के इरादे से ही वहां पहुंचा था।

हमले के दौरान महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्रे ने भी बहादुरी दिखाई। उन्होंने हमलावर को रोकने के लिए खुद को बीच में डाल दिया, जिससे उन्हें भी चोट आई। बाद में हरसिमरत कौर बादल ने अस्पताल पहुंचकर इंस्पेक्टर से मुलाकात की और उनकी बहादुरी की सराहना की।

जांच में आरोपी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी जसपाल सिंह ने कानून की पढ़ाई की है। उसने कुछ समय तक वकालत की, एक छोटा अखबार भी चलाया और पुणे में स्नैक्स की दुकान का संचालन भी किया। हालांकि, बाद में उसने यह काम बंद कर दिया।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी पिछले कुछ वर्षों से परिवार से काफी दूर रहता था और उनसे बहुत कम संपर्क करता था। वर्ष 2024 में वह नांदेड़ के तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब में सेवा करने पहुंचा था और पिछले दो वर्षों से गुरुद्वारे से जुड़ा हुआ था।

फिलहाल, पुलिस हमले के पीछे की वास्तविक वजह की जांच कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।