जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में क्राइम ब्रांच कर रही जांच, कोर्ट ने 3 शर्तों पर दी थी जमानत
दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कॉकरोच पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए दोबारा नोटिस भेज सकती है। दोनों नेताओं को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। उन्होंने पुलिस से पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।
दोनों नेताओं को 21 अक्टूबर को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से जमानत मिली थी। उन्हें 50-50 हजार रुपए के बॉन्ड पर रिहा किया गया। पुलिस ने 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दोनों को हिरासत में लिया था।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद दर्ज हुए थे केस
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। इसके बावजूद 13 अक्टूबर को सौरव और आशुतोष तिरंगा लेकर वहां पहुंचे थे। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में दोनों को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें पांच दिन के लिए जेल भेज दिया गया। 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई थी।
दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। इनमें कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर जाने से जुड़े मामले शामिल हैं। कनॉट प्लेस वाले मामले की जांच पहले ही क्राइम ब्रांच को दी जा चुकी थी।
नेहा बोरा की याचिका पर हाईकोर्ट में फैसला
इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर भी फैसला सुनाएगा। बोरा ने पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपए का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने को कहा गया था।
वहीं, पीपल अगेंस्ट SIR गठबंधन ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसमें किसान, मजदूर, महिला और युवा संगठनों के शामिल होने की संभावना है।
