12-12 हजार रुपए के लालच में मुंबई पहुंचाए हथियार, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में 4 और गिरफ्तार

दो महिलाएं भी शामिल, शो-रूम में करती थीं काम; पुलिस जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन आया सामने

दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में जांच एजेंसियों ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों महिलाओं ने महज 12-12 हजार रुपए के बदले हथियारों से भरा बैग ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंचाया था। मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सोनीपत से दो युवक, रेलवे स्टेशन से महिलाएं गिरफ्तार

रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है। कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा गया, जबकि राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। बाद में चारों को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया।

पुलिस के अनुसार, कुणाल और सुमित पर हथियारों की व्यवस्था करने का आरोप है। वहीं, राधा और बबीता कथित तौर पर हथियारों से भरा बैग लेकर ट्रेन से मुंबई पहुंची थीं।

शो-रूम में काम करती थीं दोनों महिलाएं

जांच के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा और बबीता सोनीपत में शो-रूम में नौकरी करती थीं। आरोप है कि कुणाल ने राधा को हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए तैयार किया और इस काम में बबीता को भी शामिल किया। इसके बदले दोनों को 12-12 हजार रुपए देने का वादा किया गया था।

पुलिस का दावा है कि 15 अक्टूबर को दोनों महिलाएं दिल्ली से ट्रेन में मुंबई के लिए रवाना हुईं। 17 अक्टूबर को दादर स्टेशन पहुंचने के बाद वे एक होटल में ठहरीं। आरोप है कि उसी दिन एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर चला गया।

अमृतसर से आया था हथियार

पुलिस की जांच में आरोप है कि कुणाल अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आया था। इस नेटवर्क में अमेरिका में रहने वाले अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसके कथित संपर्कों और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंधों की जांच कर रही है।

18 अक्टूबर को हुई थी फायरिंग

मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर की शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई गई थीं। घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने तीन कथित शूटरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया था।

अब जांच एजेंसियां हथियारों की सप्लाई, आरोपियों के आपसी संपर्क और कथित साजिश के पीछे के लोगों का पता लगाने में जुटी हैं। फिलहाल मामले में गिरफ्तार आरोपियों पर लगे आरोपों की जांच जारी है।