दिल्ली। नई दिल्ली। देश में मानसून एक बार फिर करवट ले रहा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) मजबूत हो रहा है।
इसके प्रभाव से अगले दो दिनों में पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी अच्छी बारिश के आसार जताए गए हैं।
दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश में बाढ़, भूस्खलन और लगातार बारिश से 1.02 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग घायल बताए गए हैं। वहीं असम के 6 जिलों के 99 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जहां 37 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
इसके उलट मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग समेत प्रदेश के 35 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं। बारिश नहीं होने से खेती और जल स्रोतों पर असर पड़ रहा है।
नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार पर भी दिखाई देने लगा है। कोशी और गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
कोशी बैराज पर पानी का बहाव 1.63 लाख क्यूसेक तक पहुंचने के बाद 56 में से 21 गेट खोल दिए गए हैं, जबकि गंडक बराज के भी 36 गेट खोले गए हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उधर, छत्तीसगढ़ में भी मानसून दोबारा सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
वहीं उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
