मध्य पूर्व (Middle East) में गहराते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार (Global Energy Market) पर दिखने लगा है। ताज़ा Europe gas price hike (यूरोप गैस प्राइस हाइक) की ख़बर ने पूरी दुनिया के आर्थिक समीकरणों को हिला कर रख दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान द्वारा दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट (LNG Plant) पर किए गए एक बड़े हमले के तुरंत बाद यूरोपीय गैस की क़ीमतों में 35 प्रतिशत का भारी और अप्रत्याशित उछाल दर्ज़ किया गया है। इस घटना ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक नया और गहरा संकट खड़ा कर दिया है।
एलएनजी प्लांट (LNG Plant) पर हमले का असर
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, इस बड़े हमले के कारण प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित हुई है। दुनिया के शीर्ष एलएनजी उत्पादन केंद्र पर हुए इस सीधे हमले से निवेशकों में भारी दहशत का माहौल है। Europe gas price hike का यह ताज़ा मामला साफ़ तौर पर दर्शाता है कि मध्य पूर्व का यह मौजूदा तनाव अब सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) को भारी नुक़सान पहुंचा रहा है।
यूरोपीय देशों (European Countries) के सामने बड़ा संकट
गैस की क़ीमतों में अचानक आए 35 प्रतिशत के इस ऐतिहासिक उछाल से यूरोपीय देशों की चिंताएं काफ़ी बढ़ गई हैं। उद्योगों के सुचारू संचालन और दैनिक ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए यूरोप भारी मात्रा में एलएनजी आयात (LNG Import) पर निर्भर करता है। सप्लाई बाधित होने की आशंका से बाज़ार में ख़रीदारी को लेकर पैनिक (Panic Buying) की स्थिति निर्मित हो गई है।
भारत और अन्य बाज़ारों (Markets) पर संभावित असर
ऊर्जा विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि यदि यह तनाव जल्द शांत नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर भारत जैसे विकासशील देशों पर भी पड़ेगा, जो अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई (Inflation) बढ़ने का गंभीर ख़तरा पैदा हो गया है।
