Naxal Free Bharat: अमित शाह के आरोपों पर भूपेश बघेल का सख़्त पलटवार, कहा- नक्सलवाद पर राजनीति ग़लत

A conceptual split image showing Union Home Minister Amit Shah and former Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel, highlighting the political clash over the Naxal eradication operation.

देश से नक्सलवाद को पूरी तरह ख़त्म करने की तय डेडलाइन और लोकसभा में हुई ताज़ा बहस के बीच छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। ताज़ा Naxal Free Bharat (नक्सल फ्री भारत) अपडेट के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर सख़्त पलटवार किया है। जानकारी के मुताबिक़, लोकसभा में एक अहम् चर्चा के दौरान अमित शाह ने आरोप लगाया था कि साल 2019 में तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के असहयोग के कारण नक्सल विरोधी अभियानों को ज़मीनी स्तर पर सही रफ़्तार नहीं मिल पाई थी।

Naxal Free Bharat: भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने आरोपों को बताया झूठ

गृह मंत्री के इन तीखे आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी सख़्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शाह के बयानों को पूरी तरह से निराधार और सरासर झूठ क़रार दिया है। Naxal Free Bharat के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए बघेल ने कहा कि उनके पांच साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) के साथ कई अहम् और बड़ी बैठकें हुई थीं। उन्होंने सख़्त लहज़े में दावा किया कि केंद्र सरकार ने इन बैठकों में कभी भी राज्य के असहयोग को लेकर कोई आधिकारिक आपत्ति दर्ज़ नहीं कराई थी।

अमित शाह (Amit Shah) को दी खुलेआम चुनौती

पूर्व मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि यदि केंद्र सरकार के पास उनके ख़िलाफ़ कोई भी पुख़्ता प्रमाण या आपत्ति है, तो उसे तुरंत देश के सामने सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यह भी साफ़ किया कि उनकी सरकार के वक़्त ही बस्तर के घने और निचले इलाक़ों में नए सुरक्षा कैंप खोले गए थे, जिसका सीधा फ़ायदा आज सुरक्षाबलों को इन सख़्त ऑपरेशन्स में मिल रहा है।

नक्सलवाद (Naxalism) के ख़ात्मे पर राजनीति ग़लत

बघेल ने अपने बयान के आख़िर में बिल्कुल स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की समाप्ति बेहद ज़रूरी है और हर कोई यही चाहता है कि छत्तीसगढ़ पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो। लेकिन, देश की सुरक्षा से जुड़े इस बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर किसी के भी द्वारा राजनीति करना पूरी तरह से ग़लत है।