नौकरीपेशा लोगों और सुरक्षित निवेश चाहने वालों के बीच पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक बेहद लोकप्रिय स्कीम है। ताज़ा PPF Investment Rules (पीपीएफ इन्वेस्टमेंट रूल्स) अपडेट के अनुसार, अगर आप भी इस सरकारी स्कीम में निवेश करते हैं, तो आपके लिए हर महीने की 5 तारीख़ बहुत ज़्यादा अहम् है। वित्तीय न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस तारीख़ तक पीपीएफ अकाउंट में पैसे जमा न करने पर आपको उस पूरे महीने के ब्याज का भारी नुक़सान उठाना पड़ सकता है। ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने के लिए यह नियम जानना बेहद ज़रूरी है।
PPF Investment Rules: 5 तारीख़ का क्या है सख़्त नियम?
पीपीएफ (PPF) खाते में जमा रक़म पर वर्तमान में 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है। सरकार हर साल 31 मार्च को यह ब्याज आपके खाते में जोड़ती है, लेकिन इसकी गणना (Calculation) हर महीने की जाती है। नियम के मुताबिक़, महीने के ब्याज की गणना 5 तारीख़ से लेकर महीने की आख़िरी तारीख़ के बीच खाते में मौजूद सबसे कम बैलेंस पर की जाती है। इसका साफ़ मतलब है कि अगर आप 5 तारीख़ के बाद पैसे जमा करते हैं, तो उस रक़म पर उस महीने का कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
एकमुश्त और मासिक निवेश (Investment) पर असर
वित्तीय जानकारों का साफ़ कहना है कि जो निवेशक पीपीएफ में एकमुश्त निवेश करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें 5 अप्रैल से पहले अपना पूरा पैसा जमा कर देना चाहिए, ताकि उन्हें पूरे साल का ज़बरदस्त फ़ायदा मिल सके। वहीं, जो लोग मासिक किश्तों (SIP) के ज़रिए पैसा जमा करते हैं, उन्हें भी हर हाल में हर महीने की 5 तारीख़ से पहले अपनी किश्त जमा कर देनी चाहिए।
पीपीएफ (PPF) स्कीम के शानदार फ़ायदे
यह पूरी तरह से सरकारी गारंटी वाली योजना है, जिसमें बाज़ार का कोई जोख़िम नहीं होता है। इस स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। इस सख़्त लॉक-इन (15 साल) वाली स्कीम में आयकर की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है और इसका ब्याज भी पूरी तरह से टैक्स-फ़्री होता है।
आइए इस इंटरैक्टिव कैलकुलेटर के ज़रिए समझते हैं कि 5 तारीख़ से पहले और बाद में निवेश करने से आपके मासिक ब्याज पर कितना साफ़ असर पड़ता है:
