भारत में ज्यादातर युवाओं का सपना एक सुरक्षित और अच्छे पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरी पाना होता है। लेकिन गुरुग्राम के रहने वाले साकेत सौरभ ने एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने 52 लाख रुपये सालाना की शानदार नौकरी को ठोकर मार दी और मोमोज बेचने का फैसला किया। आज उनकी कंपनी ‘द मोमोज माफिया’ (The Momos Mafia) 7 राज्यों में फैल चुकी है और महज 2.5 साल में इसका कुल रेवेन्यू 5 करोड़ रुपये को पार कर गया है। साकेत सौरभ की यह सफलता की कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं।
बहन और जीजा के कैफे से आया बिजनेस का आइडिया
साकेत सौरभ कोई नौसिखिए उद्यमी नहीं हैं। 2014 में निफ्ट (NIFT) दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ‘वॉवफ्लक्स’ नाम का एक स्टार्टअप शुरू किया था, जिसे बाद में ‘फ्लिक्सस्टॉक’ ने खरीद लिया। साकेत उसी कंपनी में प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम करने लगे और उनका पैकेज 52 लाख रुपये तक पहुंच गया।
- अपनी फुल-टाइम नौकरी के दौरान ही साकेत अपनी बहन एकता कुमारी और जीजा गौतम की गुरुग्राम स्थित ‘बैम्बू कैफे’ में मदद करने लगे।
- इस कैफे में बिरयानी से लेकर पराठे तक सब कुछ मिलता था, लेकिन साकेत ने गौर किया कि सबसे ज्यादा बिक्री मोमोज की हो रही है।
- इसी बात ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने प्रयोग के तौर पर कैफे के बाहर एक छोटी कैनोपी लगाकर सिर्फ मोमोज बेचना शुरू किया।
- इसके बाद उन्होंने इन्फोटेक के पास एक ठेला लगाया, जहां से हर दिन 10000 से 12000 रुपये की शानदार कमाई होने लगी।
ठेले से शुरुआत और ‘CSR’ मॉडल की सफलता
मोमोज की जबरदस्त डिमांड को देखते हुए साकेत ने सितंबर 2023 में अपनी लाखों की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। जनवरी 2024 में उन्होंने अपने पार्टनर्स सूर्य प्रकाश और शुभम ठाकुर के साथ मिलकर आधिकारिक तौर पर ‘द मोमोज माफिया’ की शुरुआत की।
- शुरुआत में उन्होंने कई ठेले लगाए, लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि सिर्फ ठेले से एक बड़ा ब्रांड नहीं बनाया जा सकता।
- मौसम की मार, कर्मचारियों की कमी और प्रशासन द्वारा ठेले हटाए जाने जैसी कई समस्याओं ने उनके काम में बाधा डाली।
- इन चुनौतियों से पार पाने के लिए साकेत ने ‘CSR’ (Cart Service Restaurant) मॉडल इजाद किया। इसमें एक छोटी सी दुकान खोली जाती है और उसके बाहर ठेला लगाया जाता है।
- यह रणनीति बेहद कारगर साबित हुई। आज उनकी कंपनी के पास 7 राज्यों में 40 ठेले, 20 छोटे आउटलेट और 2 क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट मौजूद हैं।
2.5 साल में 5 करोड़ का रेवेन्यू पार
साकेत सौरभ की मेहनत जल्द ही बड़े आंकड़ों में तब्दील हो गई। जनवरी से मार्च 2024 के बीच कंपनी ने 16 लाख रुपये का बिजनेस किया। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा उछलकर सीधे 2.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस साल भी कंपनी 2.2 करोड़ का बिजनेस कर चुकी है और साल के अंत तक इसके 3 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। इस तरह सिर्फ 2.5 साल के भीतर ‘द मोमोज माफिया’ ने 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है। साकेत का मानना है कि अगर आप मोमोज के बिजनेस में बड़ा पैसा कमाना चाहते हैं, तो ठेले की बजाय हमेशा एक प्रॉपर आउटलेट से शुरुआत करनी चाहिए।
