Raigarh Crime News:छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। रायगढ़ पुलिस ने एक बेहद शातिर और खतरनाक अंतरराज्यीय उठाईगिरी व लूट गैंग (Robbery Gang) के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह गिरोह इतना शातिर था कि इसका नेटवर्क सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा तक फैला हुआ था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद एक दर्जन से ज्यादा चोरी और उठाईगिरी की घटनाओं का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
ठेकेदार बनकर करता था रेकी, बैंकों के बाहर बिछाता था जाल
पुलिस के हत्थे चढ़े इस शातिर मास्टरमाइंड का नाम अरविंद प्रताप सिंह उर्फ ‘अरविंद नट’ है, जो मूल रूप से जशपुर जिले का रहने वाला है।
- पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लोगों को गुमराह करने के लिए खुद को एक ‘ठेकेदार’ बताता था।
- अरविंद और उसका साथी ओमप्रकाश (जो अभी फरार है) मुख्य रूप से बैंक और भीड़भाड़ वाले इलाकों में शिकार की तलाश करते थे।
- उनका निशाना वे लोग होते थे जो बैंक से मोटी रकम निकालकर बाहर आते थे।
- आरोपी पूरी चालाकी से उनकी रेकी (Reece) करता था और मौका मिलते ही पेचकस (Screwdriver) या डुप्लीकेट चाबी की मदद से मोटरसाइकिल की डिक्की खोलकर या कार का शीशा तोड़कर लाखों रुपये उड़ा लेता था।
15 से ज्यादा वारदातों को दे चुका था अंजाम
रायगढ़ पुलिस के अनुसार, इस गैंग का दायरा बहुत बड़ा था।
- पुलिस रिमांड पर पूछताछ के दौरान आरोपी अरविंद नट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
- उसने कबूल किया है कि पिछले एक साल के भीतर उसने अपने साथी के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के रायगढ़, जशपुर, लैलूंगा और मध्य प्रदेश के अनूपपुर व शहडोल में भी चोरी की वारदातें की हैं।
- इसके अलावा, इस गिरोह ने ओडिशा के सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा में भी 10 से 12 उठाईगिरी की घटनाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था।
- अकेले रायगढ़ और घरघोड़ा इलाके में जनवरी से लेकर अप्रैल के बीच कार और डिक्की से लाखों रुपये पार करने की चार बड़ी वारदातों में इनका सीधा हाथ था।
सीसीटीवी और इंटेलिजेंस से खुला राज
पुलिस के लिए इस गिरोह को पकड़ना आसान नहीं था। लगातार हो रही उठाईगिरी की घटनाओं के बाद लैलूंगा पुलिस ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
- फुटेज और अंतरराज्यीय खुफिया जानकारी (Intelligence) के आधार पर पुलिस जशपुर के ग्राम शिवपुरी निवासी इन आरोपियों तक पहुंची।
- पुलिस ने अरविंद नट को उस समय रंगे हाथों पकड़ा जब वह एक बार फिर किसी नई घटना को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहा था।
- आरोपी के पास से चोरी के पैसों से खरीदी गई एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल, पेचकस और वारदात में इस्तेमाल होने वाली चाबियां बरामद की गई हैं। पुलिस फिलहाल आरोपी को जेल भेज चुकी है और उसके फरार साथी ओमप्रकाश की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
