Iran Opens Airspace:मध्य पूर्व के तनावपूर्ण माहौल में एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता की उम्मीदों के बीच, ईरान ने अपना एयरस्पेस खोलने का बड़ा फैसला लिया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से हवाई सेवाएं पूरी तरह ठप थीं। अब करीब 2 महीने बाद तेहरान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कमर्शियल उड़ानों (Commercial Flights) की दोबारा शुरुआत हो गई है। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है।
तेहरान से मस्कट और इस्तांबुल के लिए उड़ानें रवाना
ईरान के सरकारी टेलीविजन नेटवर्क के अनुसार, एयरस्पेस खुलने के बाद उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
- राजधानी तेहरान स्थित इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तुर्की के इस्तांबुल, ओमान की राजधानी मस्कट और सऊदी अरब के मदीना शहर के लिए विमानों ने उड़ान भरी है।
- एविएशन ट्रैकिंग वेबसाइट ‘फ्लाइटराडार24’ के डेटा के मुताबिक, शनिवार सुबह इस्तांबुल के लिए कम से कम 3 उड़ानें रवाना हुई हैं।
- 8 अप्रैल से लागू हुए अस्थायी संघर्ष विराम के 22 अप्रैल को समाप्त होने के बावजूद ईरान का एयरस्पेस खोलना एक सकारात्मक कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।
भारतीय दूतावास का सख्त अलर्ट: ईरान की यात्रा ना करें
भले ही ईरान ने अपनी कमर्शियल उड़ानें शुरू कर दी हों, लेकिन भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती।
- तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने साफ शब्दों में परामर्श जारी किया है कि भारतीय नागरिक ईरान की यात्रा करने से बचें।
- दूतावास ने कहा है, “भारत और ईरान के बीच कुछ उड़ानों के शुरू होने की खबरों के बावजूद, क्षेत्रीय तनाव और परिचालन संबंधी अनिश्चितताओं के कारण भारतीय नागरिकों को दृढ़ता से सलाह दी जाती है कि वे हवाई या सड़क मार्ग से ईरान की यात्रा न करें।”
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता पर सस्पेंस
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बरकरार है।
अमेरिका का रुख भी सख्त है और उसका कहना है कि ईरान को पहले उसकी मांगों के हिसाब से वार्ता का प्रस्ताव तैयार रखना होगा। पिछली शांति वार्ता भी इस्लामाबाद में ही हुई थी, लेकिन उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता के लिए भारी सुरक्षा के बीच 1 सप्ताह से ‘लॉकडाउन’ जैसी स्थिति है।
ईरान के विदेश मंत्री अराघची अपनी टीम के साथ वहां पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी तक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले ईरान ने अमेरिका से सीधी बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया था।
