World News: पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर फिर भड़की जंग, कुनार में रॉकेट हमलों से मची भारी तबाही

Afghanistan Pakistan Border Clash

Afghanistan Pakistan Border Clash:दक्षिण एशिया (South Asia) की भू-राजनीति में इन दिनों भारी उबाल आया हुआ है। डूरंड लाइन (Durand Line) को लेकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहा सीमा विवाद अब एक खतरनाक मोड़ ले चुका है। दोनों इस्लामिक पड़ोसी देशों के बीच एक बार फिर तोपें और रॉकेट गरजने लगे हैं। ताजा मामला अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार (Kunar) का है, जहां पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए भारी रॉकेट और मोर्टार हमलों ने भयंकर तबाही मचा दी है। इस सीमा संघर्ष (Border Clash) ने न सिर्फ तालिबान (Taliban) और इस्लामाबाद के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि इलाके में एक बहुत बड़े मानवीय संकट (Humanitarian Crisis) को भी जन्म दे दिया है।

कुनार प्रांत बना नया युद्ध का मैदान

स्थानीय अफगान मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, कुनार प्रांत अब इस जंग का मुख्य केंद्र (फ्लैशपॉइंट) बन गया है।

  • बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात पाकिस्तानी सेना ने कुनार के सरकानो (Sarkano) जिले और प्रांतीय राजधानी असदाबाद (Asadabad) के कुछ इलाकों में भारी गोलाबारी की।
  • इन रॉकेट हमलों में कई रिहायशी मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाकों की आवाजें रात भर पूरे इलाके को दहलाती रहीं।
  • हालांकि, इन ताजा हमलों में किसी बड़े जानी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बुनियादी ढांचे और घरों को भारी नुकसान पहुंचा है।

मानवीय संकट: 94000 लोग बेघर, खौफ का साया

पिछले 2 महीनों से चल रही इस खींचतान ने आम नागरिकों की जिंदगी नर्क बना दी है।

  • संयुक्त राष्ट्र (UN) के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के अंत से लेकर अब तक सीमा पार से हुई गोलाबारी में 76 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए हैं और 213 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं।
  • अफगानिस्तान के अर्थव्यवस्था मंत्री के अनुसार, पाकिस्तान के हमलों के कारण 9 प्रांतों में 27000 से अधिक परिवार विस्थापित हुए हैं।
  • यूएन की एक विस्तृत रिपोर्ट बताती है कि इस संघर्ष के कारण कुनार और नूरिस्तान जैसे सीमावर्ती इलाकों से करीब 94000 लोग अपना घर-बार छोड़ने को मजबूर हो गए हैं, जिससे इलाके में खाने और रहने का एक भयानक मानवीय संकट खड़ा हो गया है।

आखिर क्यों आपस में लड़ रहे हैं पाकिस्तान और तालिबान?

इस पूरी खूनी जंग के पीछे मुख्य रूप से आतंकवाद और सीमा विवाद का मुद्दा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान अपनी धरती पर ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) के आतंकियों को पनाह दे रहा है, जो पाकिस्तान के अंदर लगातार घातक हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान अपनी गोलाबारी को ‘बिना उकसावे की आक्रामकता’ का जवाब बताता है।

वहीं दूसरी तरफ, अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान जानबूझकर उनकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है। तालिबान अधिकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना रिहायशी इलाकों में भारी हथियारों का इस्तेमाल कर रही है, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ है। फिलहाल, दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं, और सरहद पर रहने वाले आम नागरिक इस भू-राजनीतिक खेल की भारी कीमत चुका रहे हैं।