US-Iran War: होर्मुज के बाद अब बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य को भी बंद करने की ईरान की धमकी, तबाह हो सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था

Iran threatens to close Bab-al-Mandeb

Iran threatens to close Bab-al-Mandeb:तेहरान। अमेरिका के साथ जारी भीषण मिसाइल जंग और आंतरिक राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ईरान का रुख दिन-ब-दिन और अधिक आक्रामक होता जा रहा है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को बंद करने की खुली चेतावनी देने के ठीक बाद, ईरान ने अब एक और आत्मघाती कदम उठाने का एलान किया है। ईरान समर्थित सैन्य गुटों और सैन्य कमांडरों ने अब लाल सागर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab-al-Mandeb Strait) को भी पूरी तरह से ब्लॉक करने की धमकी दी है। इस दोहरी नाकेबंदी की चेतावनी से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार (Global Economy) पर अब तक का सबसे बड़ा संकट मंडराने लगा है।

वैश्विक समुद्री व्यापार का सबसे बड़ा दम घोंटने की कोशिश

बाब-अल-मंडेब और होर्मुज, ये दोनों ही ऐसे समुद्री रास्ते हैं जिनके जरिए एशिया, यूरोप और अमेरिका के बीच अरबों डॉलर का व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई होती है।

  • लाल सागर का रास्ता होगा ठप: बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य स्वेज नहर के रास्ते यूरोप को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। यदि ईरान और यमन के हूती विद्रोही मिलकर इस रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर देते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय जहाजों को पूरे अफ्रीका महाद्वीप का चक्कर लगाकर जाना पड़ेगा।
  • दोगुनी हो जाएगी लागत: इस नाकेबंदी से न केवल माल ढुलाई का समय हफ्तों बढ़ जाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर महंगाई अपने चरम पर पहुंच जाएगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पूरी दुनिया को आर्थिक रूप से पंगु बनाकर अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाना चाहता है।

अमेरिका, इजराइल और लेबनान फ्रंट पर बढ़ा भारी तनाव

ईरान ने यह नई धमकी ऐसे समय पर दी है जब लेबनान फ्रंट पर इजराइल की सैन्य कार्रवाई और अमेरिका के साथ उसकी सीधे मोर्चे की जंग बेहद हिंसक हो चुकी है।

हूतियों का मिसाइल बेस एक्टिव: बाब-अल-मंडेब के पास यमन का हूती नियंत्रण वाला इलाका है, जहां ईरान की मदद से आधुनिक एंटी-शिप मिसाइलें और ड्रोन तैनात किए गए हैं। अमेरिकी नौसेना के बेड़े लगातार इन इलाकों की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन ईरान की इस नई धमकी ने वाशिंगटन और तेल अवीव की रातों की नींद उड़ा दी है।

चौतरफा घेराबंदी का जाल: ईरान के इस आक्रामक एलान के पीछे की रणनीति यह है कि वह यमन, लेबनान, सीरिया और इराक में मौजूद अपने पूरे रेजिस्टेंस नेटवर्क (प्रॉक्सी संगठनों) को एक साथ एक्टिव कर दे।