Iran attack US bases Kuwait:कुवैत सिटी/तेहरान। ईरान और अमेरिका (US-Iran War) के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों और कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Kuwait International Airport) पर मिसाइलों और घातक ड्रोनों से बड़ा हमला किया है। इस अप्रत्याशित हमले ने खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में एक बार फिर युद्ध की आग को भड़का दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारी चिंता पैदा हो गई है।
कुवैत एयरपोर्ट के T-1 टर्मिनल पर भारी तबाही
हमले का सबसे ज्यादा असर कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखने को मिला है।
- टर्मिनल को नुकसान: कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने पुष्टि की है कि ईरान के कई ड्रोन कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल ‘टी-1’ (T1) से टकराए।
- उड़ानें ठप: इस हमले के कारण टर्मिनल इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है और कई लोगों के घायल होने की खबर है। एहतियात के तौर पर कुवैत एयरपोर्ट से सभी कमर्शियल उड़ानों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
- एयर डिफेंस सक्रिय: कुवैत की सेना का कहना है कि उसने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से कई ‘दुश्मन ड्रोनों’ को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
ईरान के IRGC ने ली जिम्मेदारी, कहा- ‘हिट एंड रन’ का दौर खत्म
ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने इस हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी ली है।
- हमले की वजह: आईआरजीसी के मुताबिक, यह हमला अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर किए गए मिसाइल हमले और केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का सीधा बदला है।
- सख्त चेतावनी: ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अमेरिका और इजरायल के ‘हिट एंड रन’ का दौर अब खत्म हो चुका है। अगर अमेरिका ने ईरान की संप्रभुता का जरा सा भी उल्लंघन किया, तो इसका बेहद विनाशकारी जवाब दिया जाएगा।
अमेरिका का पलटवार
दूसरी ओर, अमेरिकी सैन्य कमान (CENTCOM) का दावा है कि उसने कुवैत और बहरीन में अपने सैन्य ठिकानों (US Fifth Fleet) की तरफ आ रही ईरान की ज्यादातर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है। अमेरिका ने इसे अपनी आत्मरक्षा की कार्रवाई बताते हुए कहा कि उसने जवाबी हमले में ईरान के केश्म द्वीप स्थित एक सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को भी निशाना बनाया है। इस ताज़ा घटनाक्रम के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
