West Bengal Assembly Dissolved:पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त भारी उथल-पुथल मची हुई है। एक तरफ पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जारी हिंसा और राजनीतिक खींचतान के बीच विधानसभा भंग कर दी गई है। तो दूसरी तरफ, तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा के नतीजों के बाद सरकार गठन को लेकर ऐतिहासिक राजनीतिक ड्रामा देखने को मिल रहा है।
पश्चिम बंगाल: विधानसभा भंग, भड़की हिंसा
पश्चिम बंगाल से आ रही बड़ी खबर के अनुसार, राज्यपाल ने विधानसभा भंग करने का फैसला लिया है। गुरुवार शाम को राजभवन से इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
- ममता कैबिनेट की शक्तियां खत्म: इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके कैबिनेट के किसी भी मंत्री के पास कोई कार्यकारी पावर नहीं बचेगी। गौरतलब है कि बुधवार को ही ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया था कि वे किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी।
- हिंसा और झड़पें: राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बेकाबू हो रही है। हावड़ा के पास शिवपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्ताधारी TMC कार्यकर्ताओं के बीच भारी हिंसक झड़प की खबर है। यह बवाल ऐसे समय में हो रहा है जब बुधवार रात को ही बीजेपी के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
तमिलनाडु: सरकार गठन को लेकर फंसा पेच
उधर, दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में भी राजनीतिक सस्पेंस गहरा गया है। विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सुपरस्टार जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके (TVK) सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई है, लेकिन वह सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़े (118) से दूर है।
- राज्यपाल का TVK को निर्देश: राज्यपाल ने TVK से बहुमत साबित करने के लिए जरूरी 118 विधायकों के समर्थन का पत्र दिखाने को कहा है। फिलहाल TVK को कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, लेकिन वे अभी भी बहुमत के आंकड़े से 5 कदम दूर हैं।
- रिसॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू: विधायकों की खरीद-फरोख्त के डर से AIADMK ने अपने 47 में से 28 विधायकों को सुरक्षित रूप से पुडुचेरी शिफ्ट कर दिया है।
क्या DMK और AIADMK मिलकर बनाएंगे सरकार?
तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला ट्विस्ट यह है कि दशकों से एक-दूसरे की धुर विरोधी रहीं पार्टियां—DMK और AIADMK—के बीच सरकार गठन को लेकर गुप्त (बैकचैनल) बातचीत चलने का दावा किया जा रहा है।
- क्या है नया फॉर्मूला? मीडिया रिपोर्ट्स (विशेषकर इंडियन एक्सप्रेस) के अनुसार, दोनों दलों के नेता इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि विजय की TVK को सत्ता से कैसे बाहर रखा जाए। सूत्रों का कहना है कि एक प्रस्ताव पर विचार हो रहा है जिसमें AIADMK राज्य में सरकार बनाए और DMK उसे बाहर से समर्थन दे। * इस फॉर्मूले में कुछ छोटे दलों का समर्थन भी शामिल किया जा सकता है।
हालांकि, अभी तक किसी भी दल की तरफ से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन अगर तमिलनाडु में DMK और AIADMK का यह गठबंधन होता है, तो यह भारतीय राजनीति के इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर साबित होगा।
