Nepal Chief Justice: न्यायमूर्ति मनोज शर्मा होंगे नेपाल के अगले प्रधान न्यायाधीश, संवैधानिक परिषद ने की सिफारिश

Nepal Chief Justice Manoj Sharma

Nepal Chief Justice Manoj Sharma:नेपाल की न्यायपालिका के शीर्ष पद के लिए संवैधानिक परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, परिषद ने बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति मनोज शर्मा को नेपाल का अगला प्रधान न्यायाधीश (Chief Justice of Nepal) नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह महत्वपूर्ण फैसला प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

संसदीय समिति की मुहर का इंतजार

इस सिफारिश के बाद अब नियुक्ति की अंतिम प्रक्रिया संसदीय सुनवाई समिति (Parliamentary Hearing Committee) के पास जाएगी।

  • 6 साल का होगा कार्यकाल: यदि संसदीय सुनवाई समिति उनके नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा देती है, तो न्यायमूर्ति शर्मा पूरे 6 साल के लंबे कार्यकाल के लिए नेपाल के प्रधान न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे।

भारत से रहा है शिक्षा का नाता

‘काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति मनोज शर्मा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत है और उनकी उच्च शिक्षा का भारत से भी गहरा नाता रहा है:

  • स्नातक (LLB): उन्होंने नेपाल लॉ कैंपस से अपनी विधि स्नातक की डिग्री हासिल की है।
  • स्नातकोत्तर (LLM): उन्होंने अपनी मास्टर डिग्री भारत के प्रतिष्ठित सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से प्राप्त की है।
  • डॉक्टरेट (PhD): इसके बाद उन्होंने नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय से श्रम कानून (Labor Law) में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की।

कैसा रहा है न्यायिक करियर?

न्यायमूर्ति मनोज शर्मा के पास न्यायपालिका में काम करने का एक लंबा और शानदार अनुभव है:

  • अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में: उन्होंने 10 जून 2013 से 12 दिसंबर 2015 तक बुटवल और पाटन की अपीलीय अदालतों में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
  • उच्चतम न्यायालय में नियुक्ति: उनके अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए 19 अप्रैल 2019 को उन्हें नेपाल के उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।

अब अपने शानदार करियर के अगले पड़ाव में वे नेपाल की न्यायपालिका का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।