Bijli Bill Samadhan Yojana 2026: सीएम विष्णुदेव साय का बड़ा फैसला, बकाया बिजली बिलों पर 100% सरचार्ज माफ

Bijli Bill Samadhan Yojana 2026

छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनहित के वादों को धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को एक और बड़ी राहत दी है। बिजली उपभोक्ताओं को बकाया बिल के भारी-भरकम बोझ से मुक्त करने के लिए “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026” लागू की गई है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल पर लगे शत-प्रतिशत (100%) सरचार्ज की माफी दी जा रही है।

योजना के मुख्य लाभार्थी और फायदे

यह योजना मुख्य रूप से प्रदेश के घरेलू, बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और कृषि उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

  • 100% सरचार्ज माफी: 31 मार्च 2023 तक के बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह से माफ कर दिया गया है।
  • आसान किस्तों की सुविधा: उपभोक्ताओं पर एक साथ आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए बकाया बिल का भुगतान एकमुश्त या फिर आसान किस्तों में करने की विशेष सुविधा दी गई है।

कैसे करें पंजीयन और क्या है अंतिम तिथि?

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं का पंजीयन अनिवार्य है। योजना 12 मार्च 2026 से लागू हो चुकी है और इसके तहत लाभ प्राप्त करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।

उपभोक्ता घर बैठे या नजदीकी कार्यालय जाकर आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं:

  • मोर बिजली (Mor Bijli) एप के माध्यम से
  • CSPDCL (छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड) की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए
  • नजदीकी बिजली विभाग के कार्यालय से
  • राज्य भर में लगाए जा रहे विशेष पंजीयन शिविरों के माध्यम से

योजना को मिल रहा बंपर रिस्पॉन्स: अब तक 6 करोड़ से ज्यादा की राहत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना को लेकर प्रदेश की जनता में भारी उत्साह है। अब तक राज्य के 7 लाख 24 हजार उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लेने के लिए अपना पंजीयन करा लिया है। विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 लाख 63 हजार से अधिक प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जिससे उपभोक्ताओं को कुल 06 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की भारी-भरकम आर्थिक राहत मिली है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह योजना सरकार की जनहितकारी सोच का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे।