Sushasan Tihar 2026 Swamitva Yojana:रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘सुशासन तिहार 2026’ (Sushasan Tihar 2026) का सीधा और सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहा है। प्रशासन को आम जनता के करीब लाने के इस अभियान के तहत, केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ (Swamitva Yojana) ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इस योजना का लाभ पाकर रूपचंद और देवलाल जैसे ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मुराद पूरी हो गई है।
क्या है ग्रामीणों की पूरी हुई ‘मुराद’?
गांवों में पीढ़ियों से लोग अपनी पुश्तैनी जमीन और घरों में रहते आए हैं, लेकिन उनके पास इसका कोई पुख्ता कानूनी या सरकारी दस्तावेज (Property Card) नहीं होता था। इस वजह से उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ‘स्वामित्व योजना’ के तहत रूपचंद और देवलाल को उनके मकान और आबादी वाली जमीन का आधिकारिक ‘अधिकार पत्र’ (मालिकाना हक) सौंपा गया है। कानूनी दस्तावेज हाथ में आते ही इन हितग्राहियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
स्वामित्व योजना के प्रमुख लाभ
सुशासन तिहार के अवसर पर बांटे जा रहे इन अधिकार पत्रों से ग्रामीणों को कई दूरगामी फायदे मिल रहे हैं:
आर्थिक सशक्तिकरण: संपत्ति का रिकॉर्ड सरकारी खाते में दर्ज होने से ग्रामीण संपत्तियों का मौद्रिकरण (Monetization) संभव हो पाया है।
बैंक लोन की सुविधा: अब रूपचंद और देवलाल जैसे ग्रामीण अपनी इस संपत्ति के कानूनी दस्तावेज के आधार पर बैंकों से आसानी से ऋण (Loan) प्राप्त कर सकेंगे, जिससे वे स्वरोजगार या अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।
विवादों का स्थायी समाधान: ड्रोन (Drone) जैसी आधुनिक तकनीक से सटीक मैपिंग होने के कारण, गांव में संपत्ति और सीमा से जुड़े आपसी विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे।
